संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंद्री राजमार्ग पर रंबा गांव के पास वीरवार सुबह चार बजे चलते ट्रक में चालक उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी आकिल (55) का हार्ट फेल हो गया। उसकी मौत के बाद भी राजमार्ग पर ट्रक दौड़ता रहा। थोड़ा आगे चलने पर ट्रक का संतुलन बिगड़ा तो पास में सोए सहायक की आंख खुली और उसने ट्रक का स्टेयरिंग संभाला। लेकिन असंतुलित ट्रक सड़क किनारे खड़े दो अन्य ट्रकों से टकरा गया। इसके बाद आगे दूसरे ट्रक से टक्कर होने के बाद रुक पाया। परिचालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया। सूचना के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चालक के शव का सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज के गणेशपुर गांव निवासी ट्रक सहायक कल्लू ने बताया कि वह कासगंज के पास से ही ट्रक में बाजरा भरकर साढौरा, यमुनानगर के लिए जा रहे थे। सुबह करीब पौने चार बजे वह ट्रक के अंदर सो रहे थे। जब सुबह उनका ट्रक इंद्री रोड पर रंबा गांव के पास पहुंचा तो अचानक संतुलन बिगड़ने पर उनकी नींद खुली। उन्होंने देखा कि चालक आकिल अचेत अवस्था में सीट के साइड में झुका था। उन्होंने तुरंत ट्रक का स्टेयरिंग संभाला। चालक साइड में कोई वाहन नहीं दिखा तो उन्होंने ट्रक को उधर मोड़ दिया। इतने में ट्रक सड़क किनारे खड़े अन्य ट्रक से टकरा गया। इसके बाद रुक गया। सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि फिलहाल मौत के कारण अज्ञात हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता लग पाएगा। पुलिस ने डीडीआर (प्रतिदिन डायरी रिपोर्ट) दर्ज की है।
डायल 112 पर कॉल कर दी सूचना
सहायक कल्लू ने बताया कि जब उन्होंने आकिल की धड़कन देखी तो कुछ पता नहीं लग पाया। तुरंत 112 पर कॉल करके सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को अस्पताल ले गए। जहां उसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में हार्ट फेल होने से मौत प्रतीत हो रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। करनाल-इंद्री राजमार्ग शहर का सबसे व्यस्त मार्ग है। सुबह के समय यहां भारी वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है। इसके अलावा सुबह चार बजे सड़क पर टहलने के लिए भी लोग होते हैं। ऐसे में अगर ट्रक के सहायक कल्लू की नींद न खुलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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वाहन चालकों के हार्ट फेल के कारण-
- लंबे रूट पर वाहन चलाने से तनाव रहना।
- खानपान ठीक नहीं रहना, केवल पेट भरने के लिए खाना।
- ढाबों पर खराब तेलों में बनाए जाने वाला खाना।
- लंबे समय तक वाहन चलाने से बीपी का बढ़ना।
- हरी सब्जियों की कमी और सैर न कर पाना।
(जैसा डॉ. कुलबीर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर सिविल अस्पताल ने बताया)
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बचाव के उपाय-
- आमजन को रूटीन चैकअप तीन माह में करवाना चाहिए।
-चालकों को हर माह शुगर, बीपी जांच करवा दवाई लेनी चाहिए।
- लंबे रूट पर गाड़ी चलाते समय बीच में आराम और रात को पूरी नींद लेनी चाहिए।
- ज्यादा पानी पीना चाहिए, समय पर सोना चाहिए।
- छाती में दर्द रहने पर चैकअप करवाना चाहिए।
- प्रतिदिन सैर करनी चाहिए।