फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: हिंदी और गणित के विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने की क्षमता आंकी

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन


करनाल। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी 483 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुणता जांच के लिए कक्षा दूसरी व तीसरी के विद्यार्थियों का हिंदी और गणित विषय का आकलन (सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट) किया गया। इस आकलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों का शिक्षा स्तर जानना है। इस मेगा अभियान के दौरान बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता और भाषा समझ का आकलन किया गया।

जिला एफएलएन सह समन्वयक विपिन कुमार ने बताया कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से निपुण हरियाणा मिशन को मजबूती प्रदान करने व बच्चों की सीखने की क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से सेंसस ग्रुपिंग असेसमेंट का आयोजन किया गया। सभी खंडों के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा दूसरी व तीसरी के विद्यार्थियों के हिंदी तथा मंगलवार को गणित विषय का मूल्यांकन करवाया गया। विभाग की ओर से जिले में सभी विद्यार्थियों का आकलन करवाने का लक्ष्य रखा गया था।
विज्ञापन


हिंदी असेसमेंट में 13455 विद्यार्थियों में से 12273 यानी 91.22 प्रतिशत शामिल हुए। जबकि गणित असेसमेंट में 13455 में से 12369 यानी 91.93 प्रतिशत विद्यार्थी शामिल हुए। यह आकलन निपुण हरियाणा टीचर एप के माध्यम से किया गया। छात्रों के मूल्यांकन के दौरान डीपीसी, एपीसी, डायट प्रवक्ता, खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी,बीआरपी और शिक्षकों ने भाग लिया। हर अधिकारी ने अपने-अपने खंड के दो स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया। सुबह 8:00 बजे अभियान शुरू हुआ।



आकलन की रिपोर्ट पर बनेगी आगामी रणनीति

शिक्षा विभाग के अनुसार हिंदी और गणित दोनों विषयों की रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थियों की स्थिति का समग्र आकलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इससे पहले जिले के टीजीटी व पीजीटी शिक्षकों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद सभी विद्यालयों में दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों का आकलन एक समान पैटर्न पर करवाया गया ताकि बच्चों की सीखने की स्थिति को जानकर और सुधार लाया जा सके। शिक्षा विभाग का मानना है कि दो दिवसीय अभ्यास से न केवल विद्यार्थियों की बुनियादी योग्यता का सही आकलन होगा बल्कि निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में ठोस कदम भी साबित होगा।



कम उपस्थिति वाले स्कूलों से मांगा जाएगा जवाब

आकलन के दौरान जहां अधिकतर स्कूलों की उपस्थिति शत प्रतिशत रही वहीं, कुछ स्कूलों में उपस्थिति बहुत कम रही। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही, उन स्कूल प्रमुखों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसको लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली जाएगी।
विज्ञापन






जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में मूल्यांकनकर्ताओं, प्राथमिक शिक्षकों के सहयोग से इस शैक्षणिक अभियान को सफलता मिली है। इस अभ्यास के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति को जाना जा सकेगा बल्कि शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धति को ओर प्रभावी बनाने का अवसर मिलेगा।

- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें