मौत से लड़कर भी प्रीति बेनीबाल बनीं आईएएस
गांव दूपेड़ी निवासी प्रीति ने यूपीएससी की परीक्षा में पाया 754वां रैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। गांव दूपेड़ी की 30 वर्षीय प्रीति बैनीवाल ने यूपीएससी की परीक्षा 754 रैंक के साथ उत्तीर्ण करके क्षेत्र के साथ-साथ जिले का नाम रोशन किया है। प्रीति ने तीसरे प्रयास में यह परीक्षा पास की है। 2016 में उसके ऊपर से ट्रेन गुजर गई थी, सालभर तक बेड रेस्ट रही। इसके बावजूद लगन में कमी नहीं आई और अपना लक्ष्य हासिल किया।
प्रीति के पिता सुरेश बिजली निगम के जेई पद से पिछले साल सेवानिवृत्त हुए हैं। माता बबिता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। भाई पंकज पंचकूला में पटवारी है। प्रीति दूसरी बार में प्री एग्जाम पास हुई लेकिन 2020 में किया गया तीसरा प्रयास सफल हो गया। परीक्षा परिणाम आते ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। प्रीति ने बचपन से ही मन में ठान लिया था की उसे आईएएस बनना है। तमाम बाधाओं को पार करते हुए आज उसका सपना साकार हो गया।
2016 में ट्रेन से गिरकर हुई घायल, एक साल बेड रेस्ट के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
प्रीति ने बताया कि 2013 में उसकी पहली नौकरी ग्रामीण बैंक में बहादुरगढ़ में लग गई थी। इसके बाद एफसीआई में नौकरी लग गई। 2016 में एफसीआई में पदोन्नति के लिए गाजियाबाद में परीक्षा थी। वह सुबह घर से अपने पिता सुरेश कुमार के साथ ट्रेन में गाजियाबाद पहुंच गई। जब वह ट्रेन से उतरने लगी तो अचानक उसका पैर फिसल गया। पैर फिसलने के बाद वह ट्रैक पर जा गिरी और ट्रेन की तीन बोगियां उसके ऊपर से गुजर गई। जान तो बच गई लेकिन उसे करीब एक साल तक बेड रेस्ट करना पड़ा। इतना बड़ा हादसा हो गया तो ससुराल वालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और अपनी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। अभी प्रीति जनवरी 2021 से विदेश मंत्रालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर दिल्ली में कार्यरत है।
फफड़ाना में की प्रारंभिक पढ़ाई
प्रीति ने असंध के गांव फफड़ाना के यूनिक स्कूल से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। हाईस्कूल थर्मल के राजकीय स्कूल से तो 12वीं नॉन मेडिकल की परीक्षा इंडियन स्कूल से की। एनसी कॉलेज इसराना से बीटेक व एसजीआई कॉलेज समालखा से एमटेक की।
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