दिल्ली चुनाव को लेकर पूर्व सांसद अशोक तंवर ने भाजपा व कांग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि दिल्ली चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी को हार स्वीकार करनी पड़ेगी तो वहीं कांग्रेस की 70 सीटों पर जमानत जब्त होगी। उन्होंने कहा कि जैसा हरियाणा में आम आदमी पार्टी के हालात रहे थे, ऐसे ही दिल्ली में कांग्रेस के रहेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार के लिये मैदान में भी उतरना पड़ेगा।
शनिवार को पूर्व सांसद अशोक तंवर ने यह बात प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बजट को लेकर लोगों को काफी उम्मीदें थी, लेकिन यह बजट एक रूटीन का है। उद्योग क्षेत्र में 40 से 50 प्रतिशत गिरावट आई है। यह सब सरकार की गलत नीतियों के कारण हुआ है। बजट में ना तो युवाओं को रोजगार मिला ना मजदूरों व किसानों व गरीबों को कुछ मिला। प्रदेश व देश दोनों सरकार में भ्रष्टाचार है। सरकार घोषणाएं तो करती हैं लेकिन उनपर काम नहीं होते। बैठक के दौरान उनके कार्यकर्ताओं ने बताया कि करनाल में 16 फरवरी को अशोक तंवर का जन्मदिन स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया जायेगा, हालांकि, उनका जन्मदिन 12 फरवरी को है।
प्रदेश में नहीं है कोई विपक्ष, नहीं जायेंगे कांग्रेस में वापस
पूर्व सांसद ने कहा कि प्रदेश में कोई विपक्ष नहीं है, जिन मुद्दों पर बोलना चाहिये वहां पर विपक्ष मौन है, बल्कि सरकार की हां में हां मिला रहा है। प्रदेश की जनता ने इन्हें बहुत कुछ दिया इन्होंने तो कुछ किया भी नहीं है। वहीं, उन्होंने कांग्रेस में वापस जाने की बात को साफ करते हुये कहा कि वह वापस नहीं जायेंगे। जहां सब कुछ देख लिया हो तो वहां वापस कैसे जाना।
प्रदेश व देश को अच्छा विकल्प देंगे
पूर्व सांसद अशोक तंवर ने पार्टी बनाने की बात पर कहा कि अभी जनता को कोई अच्छा विकल्प नहीं मिल रहा है, वह प्रदेश व देश में अच्छा विकल्प देंगे। लोगों की आवाज को उठाने का काम करेंगे। वे अब भी गलत को गलत कहने की हिम्मत रखते हैं और इसके लिए सड़कों पर भी उतरने को तैयार हैं।