पंचायत चुनाव-2022 के प्रथम चरण में करनाल जिला शामिल नहीं है, लेकिन शुक्रवार को चुनावी कार्यक्रम के एलान के बाद ग्रामीण अंचलों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यूं तो इससे पहले भी तीन बार संभावित प्रत्याशियों ने चुनाव की तैयारियां की थी, लेकिन किसी न किसी कारण चुनाव टलते रहे। अब लोगों को भरोसा हो गया कि इस बार चुनाव होकर रहेंगे। यही कारण है कि दावेदारों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का समर्थन प्राप्त करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
करनाल जिले में इस बार चुनाव में 356580 महिलाओं सहित कुल 758359 मतदाता मतदान करेंगे। इसमें आठ ट्रांसजेेंडर मतदाता भी शामिल हैं। जिले में जिला परिषद की 25 सीटें हैं। वहीं ग्राम पंचायतों की संख्या 395 हैं, जबकि पंच पदों की संख्या 3901 है। ब्लाक समिति के सदस्य पदों की संख्या 200 है। मतदान के लिए 889 बूथ बनाए गए हैं।
विदित हो कि कई महीने पहले ही पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था। ग्राम पंचायतों को प्रशासकों द्वारा संचालित किया जा रहा है, लेकिन पहले जब चुनाव की घोषणा होने वाली थी तो महिला आरक्षण का मामला न्यायालय में चला गया। इसके बाद बीसी-ए आरक्षण के मामले ने चुनाव में विलंब कर दिया, लेकिन जब भी चुनावी सरगर्मियों की बात शासन स्तर पर चलती तो संभावित प्रत्याशी अपनी तैयारी शुरू कर देते थे। अब शुक्रवार को चुनाव आयोग से प्रथम चरण का चुनावी कार्यक्रम घोषित किया गया तो सभी को ये भरोसा हो गया कि अब चुनाव टलेंगे नहीं। यही कारण है कि गांवों में चुनावी चौपाल सजने लगी है। हालांकि जो संभावित प्रत्याशी हैं, उन्होंने तो पिछले पंचायतों का कार्यकाल होने के बाद से ही अपनी सामाजिक गतिविधियों को तेज कर दिया था।
जिला परिषद के प्रत्याशी इसमें सबसे आगे दिख रहे हैं, क्योंकि उनका क्षेत्र भी बड़ा होता है, यही कारण है कि प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्र में मतदाताओं के घरों तक अपनी पहुंच बनानी शुरू कर दी है। जिला परिषद के वार्ड-15 में नलवी खुर्द गांव में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। कुछ स्थानों पर चौपालों पर लोग चुनाव पर चर्चा करते दिखे।