संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के संयुक्त सहयोग से न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप की ओर से कला कीर्ति भवन में तीन दिवसीय उत्थान उत्सव का आयोजन किया गया। पहले दिन अलकनंदन की ओर से लिख गया नाटक उजबक राजा तीन डकैत पर आधारित नाटक उजबक राजा का कलाकारों ने मंचन किया गया। विकास शर्मा की ओर से निर्देशित नाटक में कलाकारों ने हंसी के ठहाकों के साथ स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य डाॅ. सौरभ चौधरी ने की। इस हास्य रस से भरपूर नाटक से कलाकारों ने विदेशी निवेश को छोड़कर स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया।
विकास शर्मा के नाटक उजबक राजा की कहानी राजा रेशमलाल के इर्द-गिर्द घूमती है। राजा रेशमलाल को तरह-तरह के कीमती वस्त्र पहनना अच्छा लगता था। इसके लिए राजा राजकोष को प्रजा की भलाई की अपेक्षा अपने वस्त्रों पर अधिक खर्च करता है। एक दिन राजा को सूचना मिलती है कि उनके पड़ोसी राजा देशबंधू उनके साथ फैंसी ड्रेस कंपीटिशन करने के लिए आ रहे हैं। फेंसी ड्रेस कंपीटिशन का सुनकर राजा रेशमलाल देश के अलग-अलग राज्यों से दर्जी बुलाते हैं ताकि कम्पीटिशन के लिए शानदार कपड़े बनवा सके। राजा को कोई भी स्वदेशी कपड़े पसंद नहीं आते। बाद में राजा रेशमलाल को पता चलता है कि देशबंधू ने विदेशी दर्जियों से कपड़े तैयार करवाए हैं। जिसके कारण राजा रेशमलाल अपने मंत्री से विदेशी दर्जी बुलवाने को कहता है। एक दिन दो ठग विदेशी दर्जी बनकर राजा के पास पहुंचते है और राजा को बताते हैं कि वो राजा के लिए जादू की ड्रेस बनाएंगे, जिसे मूर्ख या फटीचर लोग कपड़े को नहीं देख पाएंगे।
जादू के सूट के बदले ठग राजा से करोड़ों रुपये ऐंठ लेते हैं। जब रानी को पता चलता है तो रानी ठगों की मशीन को तोड़ देती है लेकिन ठग राजा को बताते हैं कि रानी ने जलन के कारण राजा के जादू के सूट को खराब कर दिया। जिसके कारण नया सूट बनाने के लिए ठग राजा से और पैसे ले लेते हैं। कम्पीटिशन वाले दिन ठग राजा को नंगा करके सब धन लूटकर ले जाते हैं। जब राजा देशबंधू कम्पीटिशन के लिए पहुंचते हैं तो पता चलता है कि वो भी नंगे हैं और उनसे पहले ठग राजा देशबंधु को लूटकर आए हैं।
नाटक में कलाकारों के अभिनय के साथ-साथ कलाकारों की वेशभूषा तथा संगीत ने भी नाटक को सफल बनाने में सहयोग दिया। नाटक में राजा रेशमलाल का किरदार सूर्यांश चावला, मंत्री हितेश जंगम, रानी रचना अरोड़ा, देशबंधू गौरव दीपक जांगड़ा, विदेशी ठग ऋत्विक अरोड़ा तथा नव्या मेहता बने। नौकरानियों का किरदार वेदिता तथा कनिका शर्मा, दर्जी गौरव व रोहित तथा चौबदार का किरदार प्रिंयाशु बंसल ने निभाया। प्रकाश व्यवस्था पार्थ शर्मा तथा ध्वनि संचालन विकास शर्मा ने किया। विशिष्ट अतिथि भाजपा कुरुक्षेत्र की उपाध्यक्षा अनु माल्यान तथा उद्योगपति अनिल मित्तल उपस्थित रहे। कार्यक्रम से न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप के सचिव शिवकुमार किरमच, सदस्य नरेश सागवाल तथा धर्मपाल गुगलानी ने अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट कर स्वागत किया। अंत में सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम उपरांत अतिथियों को उपहार भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
कुरुक्षेत्र। नाटक में प्रस्तुति देते कलाकार। विज्ञप्ति