माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सोने और चांदी में भारी महंगाई के बावजूद इस बार नवरात्र की बाजार की बल्ले-बल्ले रही। नवरात्र के दिनों में करीब 68 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। कारोबारी अनुमान सिर्फ वाहन, सराफा, इलेक्ट्रानिक सामान, रेडीमेड गारमेंट्स के बाजार के साथ नवरात्र के दौरान पूजन सामग्री, किराना, फल सब्जियां आदि की बिक्री का भी है।
ग्रीन ऑटो शोरूम के संचालक एवं ऑटो मार्केट एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी रविंद्र ढ़ल ने बताया कि शहर के नौ सहित जिले में करीब 40 ऑटो शोरूम से नवरात्र के दौरान करीब एक हजार से अधिक दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। यदि एक वाहन की औसत कीमत 90 हजार रुपये मान ली जाए तो भी करीब 14 से 15 करोड़ रुपये की औसत बिक्री हुई। किसी शोरूम से अधिक तो किसी से कम वाहन खरीदे गए। दशहरा पर उनके शोरूम से ही 51 गाड़ियां बेची गई हैं।
कार शोरूम के भानू खेत्रपाल ने बताया कि करनाल में एक9दो कंपनियों को छोड़कर लगभग सभी बड़ी कंपनियों के शोरूम हैं। शहर में 22 बड़ी कंपनियों के शोरूम हैं। कुछ ब्रांड अधिक बिकते हैं तो कुछ कम बिकते हैं। नवरात्र के दौरान यदि पांच गाड़ियों का औसत भी निकालें तो भी करीब 100 से अधिक गाड़ियां बिकने का अनुमान है। इनकी औसत कीमत सात से आठ करोड़ रुपये तक हो सकती है। कुछ महंगी गाड़ियां भी हैं। सभी का सही डाटा पता करना तो मुश्किल है लेकिन अनुमान यही है।
मंहगाई की बावजूद बिक्री रही अच्छी
- सराफा एसोसिएशन के प्रधान कमल गुप्ता ने बताया कि शहर में पांच प्रमुख सराफा व्यापारी हैं। शहर में करीब 50 से 60 दुकानें हैं। यदि हर दुकान की औसत बिक्री को नवरात्र के दौरान 35 लाख रुपये मान लिया जाएगा तो करीब 21 से 25 करोड़ रुपये का कारोबार तो सोना9चांदी का मिलाकर होगा ही। पिछले साल की अपेक्षा इस बार सोना और चांदी दोनों में अधिक महंगाई थी। सोना आम लोगों की पहुंच बाहर हो गया है, इसके कारण अधिकतर दुकानों की बिक्री प्रभावित रही।
कपड़े भी दो करोड़ तक के खरीदे गए
- करनाल रेडीमेड एंड गारमेंट्स एसोसिएशन के प्रधान नीरज उप्पल ने बताया कि शहर में रेडीमेड गारमेंट्स की करीब 600 दुकानें हैं। इस बार नवरात्र के दौरान खरीदारी अच्छी रही। सभी दुकानों की औसत बिक्री डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है। कुछ बड़ी दुकानों की बिक्री अधिक रहती है तो कुछ की कम रहती है।
इलेक्ट्राॅनिक सामान की रही धूम
- चौधरी इलेक्ट्रानिक्स के संचालक मुकेश चौधरी ने बताया कि नवरात्र से दिवाली तक इलेक्ट्राॅनिक सामान की बिक्री ही सबसे अधिक होती है। जीएसटी कम होने से एसी व एलईडी खूब बिकी हैं। नए भवन भी खूब बने, इसलिए एलईडी के साथ-साथ चिमनी, वॉशिंग मशीनें, एयर फ्रायर, रेफिजरेटर, माइक्रोवेब, गीजर भी बिके हैं। शहर में ही 25 से अधिक बड़े शोरूम, जिले के सभी कस्बों में भी बड़े-बड़े शोरूम खुल गए हैं, नवरात्र से अब तक दस दिनों में करीब आठ से 10 करोड़ रुपये तक की इलेक्ट्राॅनिक सामान की बिक्री का अनुमान है।