करनाल। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा आठवीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएसएस) के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थी 24 अक्तूबर तक पंजीकरण कर सकेंगे। एनएमएमएसएस की चयन परीक्षा नवंबर में होगी। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा नौवीं से आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए हर साल 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
एनएमएमएसएस के लिए विद्यार्थी के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थी कक्षा आठवीं में नियमित रूप से सरकारी स्कूल में पढ़ रहा हो। कक्षा सातवीं में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। एससी, एसटी विद्यार्थियों को अंकों में पांच प्रतिशत की छूट दी गई है। छात्रवृत्ति अधिकतम चार वर्षों के लिए कक्षा नौवीं से 12वीं तक मिलती है।
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दो पेपर में होगी चयन परीक्षा
एनएमएमएसएस की चयन परीक्षा में दो पेपर होंगे। पहला मानसिक योग्यता परीक्षण और दूसरा शैक्षिक योग्यता परीक्षण होगा। दोनों पेपर में 90-90 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। एमएटी में रीजनिंग, वर्गीकरण, संख्यात्मक श्रृंखला, पैटर्न और छिपी आकृति जैसे सवाल पूछे जाते हैं। एसएटी में गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्न होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए 90 मिनट का समय निर्धारित है। चयन के लिए विद्यार्थी को एमएटी और एसएटी दोनों में मिलाकर कम से कम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। एससी, एसटी विद्यार्थियों के लिए यह सीमा 32 प्रतिशत है। चयन के समय कक्षा आठवीं में भी विद्यार्थी के कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
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-ऐसे करें आवेदन
छात्रवृत्ति परीक्षा में आवेदन ऑनलाइन ही भरा जाएगा। इसका लिंक परिषद की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एससीईआरटी हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू.बीएसईएच.ओआरजी.इन पर उपलब्ध होगा। यहां होम पेज पर एनएमएमएस स्कॉलरशिप आवेदन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद आवश्यक विवरण दर्ज कर पंजीकरण पूरा करके दोबारा लॉगिन कर आवेदन भरें।
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निजी स्कूलों के विद्यार्थी पात्र नहीं
निजी स्कूलों के विद्यार्थी इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होंगे। विद्यार्थियों से अपील है कि वह 24 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन करें। स्कूल स्तर पर भी विद्यार्थियों को योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, ताकि पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के अवसर से वंचित न रहें। - सुमित मान, नोडल अधिकारी, एनएमएमएसएस