फॉलोअप: परिवार पहचान पत्र पोर्टल में फर्जीवाड़ा उजागर
- सीएससी चलाने वाले घर बैठे करते थे परिवार पहचान पत्रों की जानकारी में छेड़छाड़
- डीसीआरईएम की शिकायत पर हुई कार्रवाई, सिक्योरिटी एनालिस्ट की तकनीकी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
- थाना निसिंग पुलिस ने क्रिड विभाग के जोनल मैनेजर और सीएससी सेंटर संचालक पर किया केस दर्ज
– सोशल मीडिया अकाउंट, कंप्यूटर और बैंक खातों की भी जांच शुरू, तीन दिन के रिमांड पर अंकित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/निसिंग। सरकारी पोर्टल पर परिवार पहचान पत्र में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नगर पालिका निसिंग के जोनल मैनेजर अंकित ने अपने लॉग इन आईडी पासवर्ड सीएससी सेंटर संचालकों को दिए थे। उनको डाटा अपडेट के लिए पासवर्ड तक दिए जाते थे। जिसकी वजह से सीएससी सेंटर संचालक अपनी मर्जी से परिवार पहचान पत्र के डाटा में छेड़खानी कर देते थे। अब थाना निसिंग पुलिस ने जोनल मैनेजर अंकित कुमार और घरौंडा के सीएससी सेंटर संचालक सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शनिवार को पुलिस ने अंकित को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया। अब पुलिस जोनल मैनेजर के कंप्यूटर से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की जांच करेगी।
ये कार्रवाई डीसीआरईएम की शिकायत पर हुई जबकि इसका खुलासा सिक्योरिटी एनालिस्ट की तकनीकी रिपोर्ट में हुआ है। जांच में ये भी सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में जोनल मैनेजर पूरी तरह संलिप्त थे। उनकी मर्जी से ही सरकारी आईडी और पासवर्ड शेयर कर संवेदनशील डाटा में छेड़छाड़ की जा रही थी और आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। अब इस पूरे घोटाले में शामिल अन्य सीएससी सेंटर संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिनकी अब पुलिस जांच कर रही है।
क्रिड विभाग की डीसीआरईएम पिंकी को जब इस प्रकरण का संदेह हुआ तो उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। मौके पर इसकी जांच के लिए शुक्रवार को पंचकूला से एचपीपीए के सिक्योरिटी एनालिस्ट अरुण कुमार पहुंचे। उनके साथ सीएम फ्लाइंग और थाना निसिंग पुलिस ने मिलकर शुक्रवार शाम 4:50 बजे नगरपालिका में जोनल मैनेजर अंकित के कार्यालय में रेड की। मौके पर जोनल मैनेजर अंकित कुमार के कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिवाइस की तकनीकी जांच की गई। जांच में पाया गया कि सरकारी पोर्टल पर लॉगइन करने की आईडी और ओटीपी कई बार अन्य सीएससी संचालकों को शेयर की गई थी।
बताया जा रहा है कि 734 लोगों के परिवार पहचान पत्रों की जानकारी से छेड़छाड़ कर उनमें बदलाव किया गया है। सरकारी पोर्टल से छेड़छाड़ में प्रयुक्त कंप्यूटर सिस्टम जब्त किया जा चुका है। पुलिस अब आरोपी के सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित को कोर्ट में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। इस पूछताछ में पुलिस आरोपी से परिवार पहचान पत्र की गड़बड़ी के कई खुलासे कर सकती है।
- रामलाल, प्रभारी, थाना निसिंग