संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। कुंजपुरा में लंबे समय से चली आ रही सरपंच पद की खींचतान खत्म हो गई। बीडीपीओ मोनिका की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में पंच अंजू सचदेवा को कार्यवाहक सरपंच चुन लिया गया। उन्हें 11 पंचों का समर्थन मिला, जबकि विरोधी पक्ष की उम्मीदवार कलावती को 9 पंचों का समर्थन मिला। एक वोट के बहुमत से अंजू सचदेवा को कार्यवाहक सरपंच घोषित किया गया।
बीडीपीओ मोनिका ने बैठक में विधिवत घोषणा करते हुए अंजू सचदेवा को कार्यवाहक सरपंच का चार्ज सौंप दिया ताकि गांव में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके। पिछले पंचायत चुनाव में यह सीट महिला के लिए आरक्षित थी, जिसमें सुमन गांव की सरपंच चुनी गई थीं। लेकिन विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जांच के उपरांत डीसी उत्तम सिंह ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके खिलाफ सुमन ने मंडल कमिश्नर के समक्ष अपील की थी, जहां से उन्हें अस्थायी राहत मिल गई थी लेकिन बाद में यह स्टे हटा दिया गया। इसके बाद सुमन ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां यह मामला फिलहाल विचाराधीन है।
इस बीच गांव में विकास कार्य ठप पड़े होने के कारण ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ रही थी। कार्यवाहक सरपंच के चयन को लेकर बीडीपीओ मोनिका बालदा द्वारा कई बार बैठकें बुलाई गईं, लेकिन किसी भी उम्मीदवार को आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। पिछले करीब छह महीने से यह मामला लंबित चला आ रहा था। करीब दो महीने पहले एक महिला पंच ने 11 पंचों का समर्थन जुटा लिया था, लेकिन उस समय बीडीपीओ के अवकाश पर होने के कारण औपचारिक घोषणा नहीं हो पाई थी। इसके बाद यह मामला जिला न्यायालय तक पहुंच गया। 2 मार्च को भी इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन दोनों पक्षों के पास 10-10 पंचों का समर्थन होने के कारण फैसला नहीं हो पाया। इसके बाद 5 मार्च को दोबारा बैठक बुलाई गई, जिसमें अंजू सचदेवा को 11 और कलावती को 9 पंचों का समर्थन मिला। इसी आधार पर अंजू सचदेवा को कार्यवाहक सरपंच घोषित कर दिया गया।
वर्जन
अंजू सचदेवा को 11 पंचों का समर्थन मिलने के बाद उन्हें कार्यवाहक सरपंच घोषित कर चार्ज दे दिया गया है, ताकि गांव के लंबित विकास कार्य जल्द पूरे कराए जा सकें। - मोनिका, बीडीपीओ।