निसिंग। कस्बे के हथलाना गांव में कहने के लिए सात एकड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम बना हुआ है, लेकिन यहां खिलाड़ी नहीं दिखते। यहां सुविधाओं शून्य हैं। चहारदीवारी तक नहीं है। पशु और लावारिस कुत्ते घूमते हैं।
मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। चहारदीवारी न होने से लावारिस पशुओं और कुत्तों का जमावड़ा रहता है। ग्रामीण जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के सदस्य शमशेर सिंह ने बताया कि स्टेडियम का निर्माण कार्य काफी समय से अधूरा पड़ा है। भवन का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। केवल चारों ओर पिलर खड़ा कर दिए हैं। आधी-अधूरी दर्शक दीर्घा बनाकर छोड़ दी गई है। यह आधा-अधूरा निर्माण भी देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहा है। घास और झाड़ियां उग आई हैं। कोई सुविधा नहीं है।ऐसे में कोई खिलाड़ी यहां अभ्यास के लिए नहीं आता।
समिति के सदस्य कर्ण सिंह, कर्म सिंह, ईश्वर सिंह, संदीप, पाला राम, प्रवीन, महावीर पहलवान, जोगिंद्र, सुभाष ने बताया कि स्टेडियम का निर्माण पूरा हो जाए और सुविधाएं दी जाएं तो आसपास के 14-15 गांवों के खिलाड़ियों को फायदा होगा। उन्होंने शासन व प्रशासन से मांग की है कि गांव के एकमात्र खेल मैदान का अधूरा पड़ा निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए।
हथलाना गांव ने दिए हैं कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
हथलाना गांव ने कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। खासकर कबड्डी में। महावीर सिंह, पाला राम, संदीप, सुनहरा राम, राजकुमार आदि ने गांव का नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ग्रामीणों ने रोष जताया कि इसके बावजूद खिलाड़ियों को न तो बेहतर खेल सुविधाएं मिल रही हैं और न ही उन्हें सिखाने के लिए यहां कोई कोच है।