बीते साल में यमुना पार से आने वाले पशु तस्करों ने पुलिस पर कई बार हमला किया। पशु तस्करों ने पुलिस पार्टी पर न केवल हमले किए, बल्कि गोलियां भी दागीं। एक के बाद एक हमले होने के बाद भी पुलिस प्रशासन पशु तस्करी पर लगाम लगाने में कामयाब नहीं हो सका है।
इससे पशु तस्करों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने पुलिस पर वाहन चढ़ाने का प्रयास भी किया। पिछले एक साल में यमुना पार से आने वाले पशु तस्करों ने पुलिस टीमों पर ग्यारह बार हमला किया, लेकिन पुलिस केवल पशु तस्करों के खिलाफ मामले दर्ज करने के अलावा कुछ नहीं कर पाई।
यदि पुलिस पहली बार में ही कड़ी कार्रवाई कर लेती, तो शायद दूसरी बार पशु तस्कराें के हौसले बुलंद नहीं होते। पशु तस्कर करनाल के रास्ते उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश करते है। इसलिए उत्तर प्रदेश की सीमा करनाल, कुंजपुरा व इंद्री क्षेत्र से सीधी लगने के कारण हर बार पशु तस्करों को इंद्री थाना क्षेत्र की पुलिस पार्टी पर हमला करने का मौका मिलता है। पुलिस मामला दर्ज कर लीपापोती का प्रयास करती है।
बीते वर्ष में पशु तस्करों ने करनाल पुलिस पर एक बार, कुंजपुरा पुलिस पर पांच बार और इंद्री पुलिस को पांच बार निशाना बनाया। पुलिस इन सभी मामलों में पशु तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले दर्ज किए हैं। \
पुलिस पर वाहन चढ़ाने का प्रयास
अब तक हुए हमलों में कुंजपुरा पलिस पर पांच अप्रैल, तीन अगस्त, 22 अगस्त, 23 सितंबर और तीन अक्टूबर को हमला किया गया। इस दौरान पशु तस्करों ने पुलिस टीम पर वाहन चढ़ाने का प्रयास भी किया।
इंद्री पुलिस पर 12 अप्रैल, 19 मई, 25 मई, 28 मई और 27 सितंबर को गालियां दागकर पुलिस पार्टी पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की गई। वहीं, करनाल पुलिस पर छह अक्टूबर को हमला किया गया था। हालांकि की इन हमलों में किसी पुलिस कर्मी की जान नहीं।