निसिंग के गांव डाचर के राजकीय उच्च विद्यालय में दसवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ अध्यापक द्वारा छेड़खानी करने के बाद भड़के ग्रामीणों ने स्कूल को ताला जड़ दिया।
ताला करीब साढ़े तीन घंटे तक लगा रहा। सैकड़ों ग्रामीणों ने अध्यापक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा देख अध्यापक दूसरे गेट से जान बचाकर भागे। सूचना मिलने पर असंध के डीएसपी श्यामलाल कौशिक व निसिंग थाना प्रभारी जगदीश मोर पुलिस बल के साथ पहुंचे।
उन्होंने छात्रा से घटना की जानकारी ली। बाद में पुलिस छात्रा के बयान लेने के लिए अपने साथ ले गई। शुक्रवार को स्कूल के एक अध्यापक पर छात्रा ने उसके साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया, जिसको लेकर ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर करीब बारह बजे ताला जड़ दिया।
ग्रामीण मदनलाल, गुलाब सिंह, हंसराज, विनोद कुमार, रवि, रमेश, पवन, पालाराम प्रजापत व श्यामलाल सहित अन्य ने कहा कि अध्यापक के खिलाफ उचित कार्रवाई होने बाद ही ताला खोला जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि पहले भी अध्यापक ने ऐसी ही घटना कर रखी है।
इससे पहले भी अध्यापक से ग्रामीण परेशान थे। आखिरकार शुक्रवार को घटना के बाद वे भड़क उठे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी अध्यापक कई बार गलत हरकतें कर चुका है। खंड शिक्षा अधिकारी मोहनलाल वर्मा ने बताया कि अभी वे लंबी छुट्टी पर हैं। आते ही जांच के बाद कानूनन जो भी विभागीय कार्रवाई बनेगी, की जाएगी।
बच्ची से दुराचार का प्रयास करने वाला काबू
नीलोखेड़ी में दस दिन पहले दूसरी कक्षा की बच्ची से दुराचार का प्रयास करने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है।
पुलिस ने आरोपी को नाबालिग होने के कारण जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया। आरोपी नीलोखेड़ी का ही रहने वाला निकाला और 11वीं कक्षा का छात्र है। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से काबू कर लिया। गिरफ्तारी के बाद युवक का मेडिकल करवाया गया। थाना प्रभारी श्रीदत्त शर्मा ने बताया कि युवक की तलाश स्केच के आधार पर की गई थी और बच्ची द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर ही युवक की पहचान हो सकी।
तीन दिसंबर को स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्ची अपने भाई के साथ घर जा रही थी। युवक बच्ची के पीछे लग गया और स्टेशन एरिया की एक कॉलोनी में जब बच्ची का घर कुछ ही दूरी पर पर था तो युवक ने बच्ची व उसके भाई को रास्ते में ही रोक लिया और बच्ची के भाई को धमकाकर घर भेज दिया। युवक बच्ची को एक सुनसान मकान में ले गया और छेड़खानी करने लगा।
छेड़खानी के बाद जब बच्ची से दुराचार का प्रयास किया गया तो बच्ची के शोर मचाने पर युवक फरार हो गया। आरोपी का स्कूल भी कुछ दूरी पर है।
थाना प्रभारी श्रीदत्त शर्मा ने बताया कि अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद बच्ची से पूछताछ के आधार पर आरोपी का स्केच तैयार करवाया गया। स्केच के आधार पर ही पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया। बच्ची द्वारा तैयार करवाया गया स्केच स्टीक निकला और पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली।
मंदबुद्धि बच्चा परिजनों को सौंपा
करनाल बस अड्डा पुलिस को वीरवार देर रात बरामद हुआ नौ वर्षीय मंदबुद्धि बच्चा शुक्रवार को उसके परिजनाें को सौंप दिया गया। बालक गांव छप्परा खेड़ा का रहने वाला था।
शुक्रवार को परिजनाें को बालक सौंप दिया गया। बस अड्डा चौकी के दीवान चंद्र सिंह ने बताया कि वीरवार रात करीब 10 बजे मंदबुद्धि बालक को बस अड्डे पर बरामद किया था। बालक अपना नाम व स्थान बताने में असमर्थ था। इसके चलते देर रात मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने बालक को फूसगढ़ के एमडीडी बाल भवन भिजवा दिया था लेकिन शुक्रवार को एमडीडी बाल भवन में पढ़ने वाले गांव खेड़ा छप्परा के बच्चों ने मंदबुद्धि बालक को देखकर पहचान लिया।
बच्चों ने बताया कि बालक का नाम रमेश है और वह उन्हीं के गांव खेड़ा छप्परा का रहने वाला है। गांव के बच्चों ने बालक की सूचना उसके परिजनों को दी।
बालक के परिजनों ने अपने बालक को एमडीडी बाल भवन से ले लिया है। रमेश के भाई सुरेश ने बताया कि रमेश अपनी मां के साथ रिश्तेदारी में गया था। वहीं से अपने आप शहर की ओर आ गया।