प्रदेशभर की आंगनबाड़ी वर्करों ने मांगे लागू न करने के विरोध में शुक्रवार को सीएम सिटी में प्रदर्शन किया। सेक्टर-12 में इकट्ठा होकर वह सांसद अश्वनी चोपड़ा के निवास स्थान तक प्रदर्शन करते पहुंचीं और उनके पुत्र को ज्ञापन सौंपा। वर्करों ने एक घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) ने शुक्रवार को डीसी कार्यालय के समक्ष मंडल स्तरीय धरना राज्य प्रधान संतोष रावल की अध्यक्षता में दिया। संचालन राज्य महासचिव शकुंतला ने किया। धरने में करनाल, पानीपत, कैथल, अंबाला, यमुनानगर और पंचकुला से सैकड़ों वर्करों और हेल्परों ने भाग लिया।
राज्य प्रधान संतोष रावल व महासचिव शकुंतला ने कहा कि केंद्रीय कमेटी के फैसले के अनुसार शुक्रवार को आंगनबाड़ी यूनियन ने प्रत्येक राजनैतिक पार्टी के वर्तमान एमएलए व एमपी को आज के मंडल स्तरीय धरने में राय रखने के लिए आमंत्रित किया था।
इनमें करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा, इंद्री के विधायक कर्णदेव कांबोज, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, असंध के विधायक बख्शीश सिंह, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक इनेलो नरेंद्र सांगवान, सुमिता सिंह, जिलेराम शर्मा, मनोज वधवा, वीरेंद्र राठौर, ज्ञान सहोता को आमंत्रण का न्यौता दिया था। खेद की बात है कि कोई भी विधायक, सांसद या विपक्ष नेता धरने पर नहीं पहुंचा।
इसके बाद यूनियन ने शहर में प्रदर्शन करते हुए सांसद अश्वनी चोपड़ा के निवास पर प्रदर्शन किया। सांसद के घर के बाहर एक घंटा प्रदर्शन करने के बाद सांसद के पुत्र को ज्ञापन दिया। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल को 28 जनवरी को बातचीत के लिए सांसद निवास पर बुलाया गया है। अगर मांगों का हल नहीं किया गया तो 31 जनवरी को हजारों वर्कर सांसद के घर का घेराव करेंगी।
इस अवसर पर सतपाल सैनी, मधु शर्मा, संतोष रावल, रूपवती राणा, शकुंतला, मंजू फूसगढ़, ममता इंद्री, सुषमा कांबोज, सुशील गुज्जर, ओपी माटा, ओमप्रकाश सिहमार, महावीर दहिया, शीला, कैथल की प्रधान कांता, यमुनानगर से वीना, सुनीता अंबाला, पानीपत से सुमित्रा, कमला, शीला, संतोष ने प्रदर्शनकारी वर्करों को संबोधित किया।
वर्करों ने रखी मांगें
आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को ग्रेड तीन और ग्रेड चार का कर्मचारी माना जाए, जब तक कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता तब तक न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये दिया जाए। पंजाब की तर्ज पर गर्मी व सर्दी की छुट्टियां लागू हों, आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी और शौचालयों आदि की सुविधा दी जाए, हेल्पर से तीन दिन राशन बनाने का पत्र वापस लिया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में विभागीय रजिस्टर व राशन की सप्लाई नियमित रूप से की जाए।