सरकार ने प्रदेश के सभी आठ इंप्रूवमेंट ट्रस्टों को एक झटके में भंग कर
दिया है। ट्रस्टों की सारी संपत्ति, फंड, ड्यूज और जिम्मेदारी संबंधित
जिलों के नगर निगमों में समायोजित करने के आदेश दिए हैं। इन सभी ट्रस्टों
का स्टाफ नगर निगमों में डेपुटेशन पर नियुक्त किया जाएगा।
शहरी स्थानीय
निकाय विभाग की ओर से इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग के
अतिरिक्त प्रधान सचिव पी राघवेंद्र राव ने इसकी पुष्टि की। संशोधित हरियाणा
टाउन इंप्रूवमेंट एक्ट-2013 के तहत यह आदेश दिए हैं। इस सूचना को हर विभाग
तक भेजने के लिए आदेशों की 300 प्रतियां कराई गई हैं।
सरकार ने पाया कि
ट्रस्टों के जरिए वही काम हो रहा है, जो नगर निगम की मार्फत होता है। कई
बार काम की डुप्लीकेसी हो रही थी, जिसके चलते पिछले कुछ समय से ट्रस्टों की
प्रासंगिकता पर सवाल उठ रहे थे। कई ट्रस्टों में तो वर्षों से चेयरमैन भी
नियुक्त नहीं किए थे। वर्ष 2005 के बाद से इनमें कोई काम भी नहीं हुआ।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधीन शहरों में दुकानों के निर्माण, चुनिंदा सड़कें व
गलियां और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे काम आते हैं।
इन जिलों में हैं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट
अंबाला
शहर के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को नगर निगम अंबाला, गुड़गांव के ट्रस्ट को नगर
निगम गुड़गांव, हिसार के ट्रस्ट को नगर निगम हिसार, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट
जगाधरी को नगर निगम यमुनानगर जगाधरी, करनाल के ट्रस्ट को नगर निगम करनाल,
पानीपत के ट्रस्ट को नगर निगम पानीपत, रोहतक के ट्रस्ट को नगर निगम रोहतक
और यमुनानगर के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को नगर निगम यमुनानगर में मर्ज कर दिया
गया है।
नगर निगमों में बनेंगे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट सेल
नए
आदेशों के मुताबिक सभी संबंधित नगर निगमों में अलग से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट
सेल का गठन किया जाएगा। इनमें ट्रस्ट में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों को
शिफ्ट किया जाएगा। शुरूआत में एक साल के लिए उन्हें डेपुटेशन पर इस सेल
में नियुक्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस सेल पर प्रशासनिक नियंत्रण
निगम आयुक्त का रहेगा।