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सावधान! बर्ड फ्लू... अभी केस नहीं मिला लेकिन एहतियातन सै?ंपलिंग शुरू

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हरियाणा के बरवाला सहित विभिन्न स्थानों पर भारी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद जिला पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। विभाग की ओर से प्रतिदिन औसतन 35 सैंपल लिए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक करनाल में बर्ड फ्लू का कोई केस सामने नहीं आया है। वहीं विभागीय अधिकारी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर बर्ड फ्लू की खबरों के बाद चिकन और अंडों के दाम में भारी गिरावट आई है। अंडे के दाम करीब छह रुपये से गिरकर सवा चार रुपये पर पहुंच गये हैं। वहीं चिकन के रेट भी 90-100 रुपये से कम होकर 70-80 रुपये तक आ गये हैं।
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हर साल की तरह एकबार फिर सर्दी के मौसम में बर्ड फ्लू को लेकर खबरें आ रही हैं। अच्छी बात यह है कि अभी करनाल में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला है। इसे लेकर विभाग की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लगातार सैंपलिंग की जा रही है। इधर, विभाग की जांच से स्थानीय पोल्ट्री फार्म संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। कारण कि चिकन और अंडे के दाम में आई भारी गिरावट से उनके कारोबार को खासा नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि पहले कोरोना के कारण पोल्ट्री व्यवसाय ठप रहा और अब बर्ड फ्लू की अफवाह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग के अनुसार, इस मौसम में प्रवासी पक्षी आते हैं, जो यहां के वातावरण में एडजेस्ट नहीं हो पाते। ऐसे में कुछ की मौत हो जाती है। विदित हो कि जिले में एक हजार ब्रायलर फार्म हैं जिससे करीब 50 हजार लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा 150 अंडा उत्पादन फार्म, 14 चूजा उत्पादन यानी हैचरी और 8 फीड मील हैं।
फार्म संचालकों का तर्क, फ्लू बड़े व्यापारियों की अफवाह...
फार्म संचालकों के अनुसार, लॉकडाउन में उन्हें काफी घाटा हुआ। उस समय प्रति अंडा 1.80 रुपये रह गया था, उसके भी खरीददार नहीं मिले। कई बार रेट को डाउन करने के लिए बड़े व्यापारी ऐसी अफवाह भी फैला देते हैं। उसके बाद कम दामों पर अंडे को खरीद कर स्टॉक कर लेते हैं और फिर दाम बढ़ जाने पर मोटा मुनाफा कमाते हैं।
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दो प्रतिशत तक बढ़ी मुर्गियों की मृत्यु दर है सामान्य
फार्म संचालक रविंद्र जांगलान, रामदयाल व सुरजीत का कहना है कि इस मौसम में फार्म के चारों तरफ से बंद होने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और फार्म में अमोनिया गैस बढ़ जाती है। जिस कारण पक्षियों की मृत्युदर एक या दो प्रतिशत बढ़ जाती है। सामान्य दिनों में भी पक्षियों की मृत्युदर चार से पांच प्रतिशत होती है।
यह है बर्ड फ्लू के लक्षण-
पक्षियों के गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त होना, हर वक्त उल्टी लगना, सांस लेने में समस्या, निमोनिया, आंख में कंजंक्टिवाइटिस बर्ड फ्लू के लक्षण हैं।
पानीपत और करनाल दोनों जिलों में फिलहाल बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग हर स्तर पर जांच कर रहा है। पोल्ट्री फार्मों को भी हिदायतें दी गई हैं। -सुलतान सिंह, इंस्पेक्टर, वाइल्ड लाइफ।
जिले में बर्ड की सैंपलिंग की जा रही है। हर रोज 30 से 35 पक्षियों के सैंपल लिये जा रहे हैं। अभी बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला। -धर्मेंद्र, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग उचानी।
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