माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दिवाली के बाद शहर की हवा में जहरीले कणों की मात्रा कम नहीं हो रही है। मंगलवार को प्रदूषण की स्थिति दिवाली से भी ज्यादा खराब रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 273 अंक पर पहुंच गया, जो कि खराब श्रेणी में आता है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 236 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई, जो कि मानक सीमा (60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) से लगभग चार गुना अधिक है।
दिवाली के दिन जहां पटाखों के कारण वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा था, वहीं मंगलवार को स्थानीय स्तर पर वाहनों, निर्माण कार्यों और मौसम में ठहराव के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं की कमी और हवा की गति कम रहने से प्रदूषक तत्व जमीन के नजदीक ठहर जाते हैं, जिससे एक्यूआई बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बढ़े हुए पीएम 2.5 कण फेफड़ों में गहराई तक जाकर सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस स्तर का प्रदूषण लंबे समय तक रहने पर सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को सुबह की सैर या खुले में व्यायाम करने से बचना चाहिए।
प्रशासन की निगरानी बढ़ी
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी में जुटी हैं। अधिकारियों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने और कचरा जलाने की शिकायतें मिली हैं। इन पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का प्रयोग न करें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाएं और कचरा न जलाएं। इसके अलावा, घरों और दफ्तरों में पौधे लगाने और मास्क पहनने की सलाह भी दी गई है।
एक्यूआई स्तर का वर्गीकरण-
0–50 : अच्छा
51–100 : संतोषजनक
101–200 : मध्यम
201–300 : खराब
301–400 : बहुत खराब
401–500 : गंभीर