करीब पचास लाख रुपये की लागत से बने करनाल के एग्रो मॉल को किराये पर देने के लिए अभी विभागीय अनुमोदन का इंतजार है लेकिन मार्केटिंग बोर्ड ने मॉल के शोरूम और दुकानों का किराये आदि का प्रस्ताव भी तैयार करके हरियाणा स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड के मुख्य कार्यालय भेज दिया है। यहां पर किराये की दर 81.45 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रस्तावित की गई है। मॉल का जो अविकसित हिस्सा है, उसमें किराये पर लेने वालों को स्वयं ही अपने कार्य के हिसाब से विकसित कराने की अनुमति होगी। खास बात यह है कि एग्रोमॉल को मार्केटिंग की आगामी बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया गया है।
करीब छह साल पहले बनकर तैयार हुए शहर के आलीशान एग्रोमॉल को सुचारू करने की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव भी इसका निरीक्षण कर चुके हैं। इसे सुचारू करने के लिए इसे किराये पर देने का प्रस्ताव हेडक्वार्टर भेज चुके हैं। मार्केटिंग बोर्ड ने इस पर कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए विभागीय अधिकारियों से किराये पर देने के लिए अनुमानित किराया व अन्य संबंधित जानकारी भी मांगी है। मार्केटिंग बोर्ड के जूनियर इंजीनियर सुमित सिंह ने बताया कि एग्रो मॉल में ग्राउंड फ्लोर पर 5008 वर्ग मीटर, फर्स्ट फ्लोर पर 4595 वर्ग मीटर, सेकेंड फ्लोर पर 4618 व थर्ड फ्लोर पर 4565 वर्ग मीटर एरिया है। जिसमें निर्मित व खाली स्थान शामिल हैं। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर 80 बड़ी दुकानें हैं और थर्ड फ्लोर पर 46 दुकानें हैं, जबकि फर्स्ट व सेकेंड फ्लोर अविकसित है। अविकसित फ्लोर पर ऐसे लोगों को किराये पर दिया जाएगा जो अपने कार्य व जरूरत के अनुसार उसे विकसित कर सकें। हर दुकान अलग अलग क्षेत्रफल की है।
किराए का प्रस्ताव तैयार
फिलहाल तो किरायेदारी का जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसकी दर 81.45 रुपये प्रति वर्ग फीट प्रस्तावित की गई है। इसी दर से पूरा प्रस्ताव तैयार करके हरियाणा स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड पंचकुला कार्यालय भेज दिया गया है। वहां इस पर मंथन चल रहा है। जैसे ही प्रस्ताव को अनुमोदन मिलता है, वैसे ही एग्रो मॉल को किराये पर देने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्ताव पर विचार विमर्श करने के लिए करनाल के एग्रो मॉल को हरियाणा स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन की आगामी बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। बैठक कब होगी, इसकी तिथि तो अभी तय नहीं हो सकी है लेकिन इतना तो तय है कि जब भी बोर्ड की बैठक होगी तो उसमें एग्रो मॉल को सुचारू करने पर अहम निर्णय लिया जा सकता है।