हरियाणा प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में छह वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों ने सीएम सिटी में मंगलवार को जमकर हंगामा रोजगार की सुरक्षा की मांग की। कंप्यूटर टीचरों ने सीएम कैंप कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। अध्यापकों ने बैरीगेट्स तोड़ने का प्रयास किया। मामला बढ़ने और तीखी नोकझोंक के बीच अध्यापकों को रोकने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शन के बाद कंप्यूटर अध्यापकों ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को प्रदेशभर से आए कंप्यूटर शिक्षकों ने कर्ण पार्क में एकत्रित होकर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय का घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने अध्यापकों को रोकने के लिए तैयारी पूरी की हुई थी और पहले ही उनको रोक लिया। अध्यापकों ने बैरीगेट्स तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। बाद में समझाने पर कंप्यूटर अध्यापक शांत हुए। अध्यापकों का कहना है कि वह पिछले छह साल से अपनी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें कभी भी हटा दिया जाता है और कभी भी फिर से ज्वाइन करवा दिया जाता है। कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने कहा कि कंप्यूटर टीचर्स का आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। सरकार उनके रोजगार को न तो स्थायी कर रही है और न ही रोजगार की सुरक्षा दे पा रही है। 24 जुलाई 2019 को सीएम आवास चंडीगढ़ में कंप्यूटर टीचर्स के प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिला था, जिसमें मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उनकी मांगे अभी तक पूरी नहीं हुई। जिसको लेकर अध्यापकों में रोष है। यदि 14 अगस्त को उनकी मांगों को लेकर उनको कोई आश्वासन नहीं दिया तो वह 16 अगस्त को जींद में गृह मंत्री अमित शाह की होने वाली रैली में उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।
ये हैं मांगें
1. चयन प्रक्रिया, योग्यता और अनुभव के आधार पर शिक्षा विभाग में स्थायी पॉलिसी के तहत 3216 कंप्यूटर साइंस के पदों पर समायोजित कर पद अनुसार वेतनमान दिया जाए, वेतन ट्रेजरी के माध्यम से दिया जाए और सर्विस रूल लागू किए जाएं।
2. कंप्यूटर शिक्षकों को गर्मियों, सर्दियों की छुट्टियों का व महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश का वेतन दिया जाए।
3. कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की सेवा अवधि टुकड़ों में ना बढ़ाकर स्थायी पॉलिसी के तहत सेवाएं स्थायी की जाएं।
4. कंप्यूटर विषय को एक नियमित विषय के रूप में लागू किया जाए व कंप्यूटर विषय की किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
5. एक जिले से दूसरे जिले में शादीशुदा महिला टीचर्स व अन्य टीचर्स को नजदीक स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक के खाली पड़े पद पर समायोजित किया जाए।