मृतक भाई की आत्मिक शांति के लिए करवाए गए छमाही हवन की राख बहाने के लिए दिल्ली ब्रांच नहर पर पहुंचे गांव बालरांगड़ान निवासी शीशपाल भी पानी के तेज बहाव के साथ बह गया। इसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। वहीं ग्रामीणों ने नहर में पानी कम कराने के लिए पानीपत असंध मार्ग पर जाम भी लगाया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची मूनक थाना पुलिस ने ग्रामीणों का नहर में पानी कम करवाने का आश्वासन दिया। बाद में देर रात को ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
जानकारी के मुताबिक, गांव बालरांगड़ान निवासी शीशपाल सोमवार को देर शाम अपने मृतक भाई की आत्मिक शांति के लिए करवाए गए छमाही यज्ञ की राख बहाने के लिए दिल्ली ब्रांच नहर पहुंचा था। जैसे ही वह राख बहाने के लिए नहर में उतरा तो पैर फिसलने से वह नहर में गिर गया, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। जब ग्रामीणों का इसका पता चलता सैकड़ों युवा उसकी तलाश के लिए नहर पहुंचे। लेकिन पानी का बहाव तेज होने के चलते कोई भी नहर में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
ग्रामीणों ने नहरी विभाग के अधिकारियों को पानी कम करवाने की मांग भी की, लेकिन जब प्रशासन से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आक्रोशित ग्रामीणों ने असंध पानीपत रोड पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मूनक थाना पुलिस ने पानी कम करवाने का आश्वासन दिया।