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दो साल बाद महज तीन कक्षाओं की किताबें पहुंचीं

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। स्कूलों का सत्र शुरू हुए तीन माह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबों का इंतजार है। गर्मी की छुट्टियों के बाद आज से स्कूल खुलेंगे। वहीं विभाग की ओर से भी अभी तक महज तीन कक्षाओं की किताबें ही जिले में पहुंच पाई हैं। कक्षा पहली, पांचवीं और आठवीं की किताबों की पहली खेप स्कूलों में पहुंच चुकी है। जबकि अन्य कक्षाओं की पुस्तकों का अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि विभाग का दावा है कि सात जुलाई तक सभी विद्यार्थियों को किताबें मिल जाएंगी।
राजकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें दी जाती हैं। पिछले दो साल से कोरोना के कारण किताबों का वितरण नहीं हो पाया था। इस बार शिक्षा मंत्री ने एलान किया था कि सभी विद्यार्थियों को किताबें दी जाएंगी, लेकिन किताबें आने में भी तीन माह का समय लगा है। जानकारों का कहना है कि विभाग की ओर से इतिहास के पाठ्यक्रम में बदलाव करके नए पाठ्यक्रम को लॉन्च किया गया है। इसलिए किताबों के प्रकाशन में देरी हुई। जिले के 779 राजकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक एक लाख पांच हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ब्यूरो
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तीन साल पुरानी किताबें पढ़ रहे विद्यार्थी
स्कूलों में किताबें नहीं आने के कारण विभाग की ओर से फिलहाल पुरानी किताबें ही सीनियर विद्यार्थियों से लेकर नए विद्यार्थियों को दे दी गई थी। ऐसे में विद्यार्थी इन्हीं तीन साल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे हैं। क्योंकि 2020 में कोरोना के कारण किताबें बंट नहीं पाई थी। वहीं 2021 में कोरोना के कारण विभाग की ओर से किताबें भेजी ही नहीं गई। किताबों की जगह प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 300 रुपये डलवाए गए थे।
यह हुआ था बदलाव
कक्षा छठी से 10वीं तक की इतिहास की किताबों के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। इनमें प्रदेश की ऐतिहासिक घटनाओं पर ज्यादा जोर है। पुराने सिलेबस का बहुत कम हिस्सा ही रखा गया है। नए सिलेबस में विदेशी आक्रमणों से जुड़ी जानकारियां एक पेज में समेटी गई हैं। महापुरुषों को एक पैराग्राफ की जगह एक-एक पेज दिया गया है। महात्मा गांधी व अन्य महापुरुषों के साथ वीर सावरकर भी पढ़ाए जाएंगे। 1857 के संघर्ष को विद्रोह या गदर नहीं, बल्कि आजादी की पहली क्रांति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें हरियाणा के योगदान को भी दर्शाया है।
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तीन कक्षाओं की किताबें स्कूलों में पहुंच गई हैं। स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को किताबें दे दी जाएंगी। अन्य कक्षाओं की किताबें भी इसी सप्ताह में आ जाएंगी। विभाग की ओर से सात जुलाई तक सभी विद्यार्थियों को किताबें देने का लक्ष्य रखा गया है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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