92 दिन बाद कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल पहुंचे बच्चे शिक्षकों और सहपाठियों को देखकर खुश नजर आए। हालांकि बच्चों की उपस्थिति कम ही रही। जिले के सरकारी स्कूलों में 35 और निजी स्कूलों में इन कक्षाओं की 32 प्रतिशत तक ही उपस्थिति दर्ज की गई। कोरोना गाइडलाइन के तहत जांच के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। हालांकि कुछ बच्चे अभिभावकों के सहमति पत्र के बिना स्कूल पहुंच गए। ऐसे में ऐसे विद्यार्थियों को अगली बार सहमति पत्र के साथ आने की चेतावनी देकर प्रवेश कराया तो कुछ स्कूलों ने ऐसे विद्यार्थियों को वापस लौटाया। असंध और निसिंग क्षेत्र में खेतों के साथ लगते कुछ स्कूलों में अभी भी बरसाती पानी जमा है। ऐसे में विद्यार्थियों के अलावा स्टाफ को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सांभली गांव के स्कूल में विद्यार्थियों को गेट पर जलभराव होने के कारण जूतों को हाथ में लेकर स्कूल में प्रवेश करते भी देखा गया। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण यहां अभी तक पानी जमा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की टीमों ने भी स्कूलों का दौरा किया।
यहां यह रही स्थिति
विभाग की ओर से 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के निर्देश दिये गये हैं। ऐसे में उपस्थिति प्रतिशत भी इसी आधार पर निकाला जा रहा है। सरकारी स्कूलों में छठी से आठवीं तक 35978 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड के मिलाकर करीब 250 निजी स्कूलों में भी करीब 20 हजार विद्यार्थी हैं। सरकारी में 35 प्रतिशत यानी करीब 6300 और निजी स्कूलों में 32 प्रतिशत यानी करीब 3200 विद्यार्थी पहले दिन स्कूल पहुंचे।
कई कक्षाओं में पांच से सात विद्यार्थी ही पहुंचे
जिले में कई स्कूल ऐसे भी रहे जहां 10-12 विद्यार्थी ही पहुंचे। वहीं ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों में कुछ कक्षाओं में पांच सात छात्र संख्या रही। राजकीय स्कूल गढ़ीबीरबल के प्रिंसिपल बीर सिंह राणा और रेलवे रोड कन्या स्कूल के प्रिंसिपल मोहिंद्र नरवाल ने बताया कि कुछ विद्यार्थी सोमवार से स्कूल आएंगे तब उपस्थिति बढ़ेगी। स्कूलों में दोस्तों से मिलकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। छात्र विवेक, सागर और मोहित ने बताया कि लंबे समय से वे मिले नहीं थे। बेशक घर रहकर भी हर क्लास लगा रहे थे, लेकिन स्कूल में आकर बहुत खुशी हुई।
पहले दिन छात्र संख्या ठीक रही। गत सप्ताह छात्र संख्या और बढ़ेगी। स्कूलों को कोरोना की गाइडलाइन की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में जलभराव हुआ है, वहां की स्थिति दौरा करके जानी जाएगी। समस्या के समाधान के लिए भी प्रयास करेंगे।
-रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी