माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग पूरी तरह से सतर्क है। फसल अवशेषों में आगजनी के दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, दोषी के खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में उसकी रेड एंट्री की जाएगी जिससे दोषी किसान अगले दो वर्ष तक अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा। इसे लेकर जिले में सात कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने की समस्या को रोकने के लिए पर्यावरण विभाग हरियाणा ने वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19(5) के प्रावधानों के अंतर्गत पूरे प्रदेश में गेहूं के अवशेषों को जलाने पर रोक लगा रखी है।
किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में हरसैक सैटेलाइट से 117 आगजनी की घटनाएं प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिला व खंड स्तर पर आगजनी की घटनाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल कक्ष बनाए गए हैं। इनमें किसान फसल अवशेष प्रबंधन की किसी भी प्रकार की समस्या के निवारण के लिए संपर्क कर सकता है।