गांव अमूपुर के युवक विक्रम (28) हत्याकांड के चार आरोपी पुलिसकर्मियों की
गिरफ्तारी को लेकर मृतक के परिजनों ने थाना निसिंग में जमकर बवाल काटा। कई
घंटों तक थाने में हंगामे का माहौल रहा।
परिजनों ने करनाल कैथल मार्ग पर
आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। मृतक के पिता
गुरचरण के बयान पर पुलिस की ओर से सोमवार रात को ही पीसीआर पर तैनात आरोपी
पुलिसकर्मी धर्मेंद्र, एसए हरविश, हेड कांस्टेबल सुखबीर व ईएएसआई धर्मबीर
के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
गिरफ्तारी को लेकर भड़के परिजनों
के जाम लगाने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कई घंटों तक पुलिस और
परिजनों के बीच टकराव की स्थिति बनी रही।
मौके पर पहुंचे एएसपी दीपक कुमार,
डीएसपी जोगिंद्र राठी, डीएसपी इंद्री बलजिंद्र, तहसीलदार हरिओम अत्री,
कार्यकारी नायब तहसीलदार सुरेंद्र सारवान व सुनील कुमार के समझाने व जांच
कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
मृतक विक्रम का बाद दोपहर पोस्टमार्टम करवाने के लिए रोहतक पीजीआई भेज दिया
गया है। घटना स्थल पर एसएफएल टीम प्रभारी कमलेश ने पहुंचकर जांच की।
यह है मामला
सोमवार
सायं करीब साढ़े सात बजे निसिंग थाना की पीसीआर गश्त के दौरान गांव अमूपुर
स्थित डेरा के पास पहुंची। जहां मृतक युवक के परिजनों को मारपीट में
चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। मृतक के पिता गुरचरण ने देखा की कई पुलिसकर्मी
उसके बेटे को बुरी तरह पीट रहे थे। इससे विक्रम घायल अवस्था में जमीन पर
पड़ा था। युवक को छुड़वाने पहुंचे परिजनों के साथ ही आरोपियों ने गालीगलौच
किया।
परिजनों ने युवक को अपनी गाड़ी से सीएचसी निसिंग में भर्ती कराया।
जहां डाक्टर ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए
परिजनों ने सोमवार रात को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज
करने की बात पर अडे़ रहे। मृतक विक्रम के पिता गुरचरण के बयान पर पुलिस ने
चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
निसिंग में डटी रही पुलिस
मंगलवार
को भी किसी अनहोनी को लेकर भारी पुलिस बल निसिंग थाने में तैनात रहा।
हालात को देखते हुए कुरुक्षेत्र व कैथल से भी पुलिस बल बुलाया गया था।
एसडीएम असंध बीर सिंह ने भी पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन
दिया।