माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कैदियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार में वीरवार को कवि सम्मेलन का आयोजन करवाया गया। इसमें दिल्ली व हरियाणा के शायरों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्यतिथि के तौर पर पहुंचीं डॉ. इरम हसन ने कहा, नशा है आग, नशा है जहर, धीरे-धीरे खाए हर पहर। तन को तोड़े, मन को झुलसाए, हर सुख-शांति दूर भगाए। वरिष्ठ शायर डॉ. एसके शर्मा ने कहा, कैसे-कैसे दिन दिखाए नशे के इस रोग ने, बाप की पगड़ी धूल चटाई दी एक नशेड़ी बेटे ने...। कवि प्रेम पाल सागर ने कहा, मेरी बर्बादी का सबब यारो ये शराब है, सांस भी ले नहीं सकता इस कदर हालात खराब है।
कार्यक्रम के संयोजक व मन की उड़ान साहित्यिक मंच करनाल के संस्थापक रामेश्वर देव ने कहा, जो मिट गया नशे में घर अच्छा नहीं होता, बर्बादियों का वो सफर अच्छा नहीं होता, वरिष्ठ शायर इकबाल पानीपती ने कहा, सुल्फा, गांजा, भांग, धतूरा, हीरोइन, स्मैक, शराब, जिसको इसकी लत लग जाए हो जाए खाना खराब...। दिल्ली से पहुंची सीमा रंगा इंद्रा ने कहा, तेरा जीवन तेरा है बस भेंट चढ़ाओ क्यों तुम, लिया नशा जीवन में तूने तो हो जाओगे गुम।
रोहतक से पहुंचे कवि डॉ. सतबीर सिंह निराला ने कहा दुनिया में दोस्त कुछ ऐसे भी मिल जाते हैं, पीते हैं शराब और दोस्त को पिलाते हैं, दिल्ली से पधारीं कवयित्री डॉ. संतोष संप्रीति ने कहा, तन मन धन सब लुटता नशा नाश का मूल, भूल कर भी मत करना नशा करन की भूल...। अंजू शर्मा ने कहा, नशे नै ठाई तबाही कुण ससुर कुण जमाई, रोज रोज पंचायत होरी बेटी घर नै उल्टी आई...। झज्जर से आए कवि जय सिंह जीत ने कहा, भले इंसान तेरी जिंदगी नाशाद कर देगा, नशे को छोड़ दो ये आपको बर्बाद कर देगा...।
कवि सुरेश भाणा ने कहा, नशा करै बुरी दशा क्रोध का बाप बताया जा, क्रोध खत्म करै बुद्धि न हो खत्म मानस की काया जा...। रेड क्रास सोसायटी सचिन कुलबीर मलिक ने भी सोसाइटी के कार्यों को बताया।
मौके पर अशोक वर्मा, कारागार अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़, मन की उड़ान साहित्यिक मंच करनाल के संस्थापक रामेश्वर देव मौजूद रहे।