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Karnal News: अकाउंट से लिंक सिम को एक्टिवेट करा निकाले 36 लाख

Mon, 24 Nov 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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करनाल।
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जिले में टपरियों गांव में बैंक खाता धारक परमजीत के बेटे की डिएक्टिवेटड सिम को एक्टीवेट कराकर खाते से 36 लाख रुपये निकाल लिए गए। साइबर ठगों ने सिम चालू करवाकर खाता धारक का आधार कार्ड, पेन कार्ड, वर्चुअल डेबिट कार्ड बनवाया और नेट बैंकिंग सुविधा को चालू कर लिया। 36 लाख रुपये की राशि कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। आरोपी साहिल को 21 नवंबर को फरीदाबाद में सुरजकुंड के पास से गिरफ़्तार किया गया। वह न्यायिक हिरासत में है। आरोपी दिलशाद को दो दिन के रिमांड के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
इंद्री के टपरियों गांव के परमजीत का बेटा वर्ष 2024 में साइप्रस गया था। जाते समय उन्होंने अपनी मोबाइल की सिम तो बंद करवा दी। लेकिन वह खाते से लिंक रही। इस बीच करीब 36 लाख रुपये की राशि खाते में डाली गई। जरूरत पर जब परमजीत पैसे निकालने के लिए बैंक गए तो खाता खाली मिला। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर चार लाख रुपये की राशि होल्ड करवा दी। मामले में जांच चल रही थी। 21 नवंबर को पुलिस ने सिम चालू करवाने वाले दो आरोपियों साहिल और दिलशाद निवासी अजीजाहसनपुर, पलवल को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई है। साइबर थाना पुलिस ने रिमांड के दौरान पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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साहिल ने सिम अपने नाम पर चालू करा ली थी। जैसे-जैसे खाते में पैसे जमा किए गए, उसके मोबाइल पर मैसेज आते रहे। इसकी जानकारी उसने भाई दिलशाद को दी। दिलशाद और साहिल ने मिलकर पहले तो ओटीपी के माध्यम से खाता धारक के आधार कार्ड व पेन कार्ड बनवाए। इसके बाद आधार कार्ड पर ही वर्चुअल डेबिट कार्ड बनवाया। जिसके माध्यम से फोन में नेट बैंकिंग सुविधा चालू कर ली। इसके बाद सारी राशि को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया।

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9 सितंबर, 2024 को पता चला

शिकायतकर्ता परमजीत ने बताया कि जब वह 9 सितंबर, 2024 को खाते से पैसे निकलवाने गए तो धोखाधड़ी का पता चला था। उन्होंने स्टेटमेंट निकलवाई तो पता चला कि खाते से रकम जून, 2024 में कई खातों में भेजी गई थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना पुलिस करनाल को शिकायत दी।



तीन को पहले पकड़ा जा चुका

साइबर थाना पुलिस मामले में तीन खाता धारकों को आठ माह पहले पकड़ चुकी है। उनके खातों से 2.80 लाख रुपये बरामद किए गए थे। आरोपी साहिल ने ठगी की राशि से अपने दोस्त के नाम पर नई कार ली थी। पुलिस ने कार कब्जे में ले ली है।

-ये सावधानियां बरतें

सिम बंद कराने से पहले

-आधार कार्ड, परिवार पहचानपत्र और अन्य सरकारी योजनाओं से नंबर अनलिंक करवाएं।

-सुनिश्चित करें कि आपका नंबर किसी भी बैंकिंग एप, वॉलेट आदि से लिंक नहीं रह जाए।
-बैंक से अपने खाते को सिम से अनलिंक करने का अनुरोध करें, खासकर यदि सिम खो गया है।

-सिम बंद करवाने के लिए लिखित आवेदन दें। यह भविष्य में किसी समस्या से बचने में मदद करेगा।


बंद करवाने के बाद

-तुरंत अपने बैंक खाते और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं पर नए सिम नंबर को लिंक करें।

-सिम बंद होने के बाद खाते की गतिविधियों पर नज़र रखें। संदिग्ध गतिविधि पर बैंक से संपर्क करें।

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-कैसे पता करें हमारे नाम पर कितने सिम
आप दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल (tafcop.dgtelecom.gov.in) पर जाकर पता कर सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड चालू हैं। इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा। भेजा गया ओटीपी दर्ज करना होगा। आपके आधार से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की सूची दिखाई देने लगेगी।
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अपने ब्राउज़र में tafcop.dgtelecom.gov.in या tafcop.sancharsaathi.gov.in टाइप करके संचार साथी पोर्टल खोलें।

Know Your Mobile Connections वाले सेक्शन में अपना मोबाइल नंबर डालें। सेंड ओटीपी पर क्लिक करें।

आपके मोबाइल पर आए ओटीपी को पोर्टल पर दर्ज करें। आपके नाम पर पंजीकृत सभी मोबाइल नंबरों की सूची दिखाई देगी।

यदि कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसका आप उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो आप उसे रिपोर्ट कर सकते हैं।

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जागरूकता और सावधानी ही साइबर ठगी से बचा सकती है। सिम को बंद करवाने से पहले सभी खातों और आधार कार्ड आदि से अनलिंक करवा दें। अगर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। ताकि आपके खाते से जाने वाली राशि तुरंत होल्ड हो सके। साइबर थाने को शिकायत दें। -संजय कुमार, प्रभारी, साइबर थाना, करनाल
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