प्रदूषण केंद्रों की मनमानी के खिलाफ अमर उजाला में छपी खबर पर आरटीए विभाग की टीम ने दूसरे दिन भी चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग अभियान से प्रदूषण जांच केंद्रों में हड़कंप मच गया। टीम द्वारा चेकिंग की सूचना पाकर कई केंद्र संचालक सेंटर बंद कर मौके से भाग गए। पांच की मशीनें ठीक काम करती नहीं मिलीं। बुधवार को आठ प्रदूषण केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई गई। पांच केंद्रों के चालान करके मशीनें जब्त की गई। तीन केंद्रों के बंद पाए जाने पर कार्रवाई करना तय किया गया। इन केंद्रों पर निर्धारित फीस से ज्यादा रुपये लेकर मात्र फोटो ही खींचकर प्रमाण-पत्र बनाते पाया गया।
23 केंद्रों पर जांच की प्रक्रिया जानने के बाद सामने आया कि प्रदूषण जांच केंद्र वाहन स्वामियों से प्रदूषण जांच के पैसे ज्यादा ले रहे है। इतना ही नहीं मात्र फोटो उतारकर कंप्यूटर में पहले से ही दर्ज डाटा के अनुसार पॉल्यूशन प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। अनीश कुमार यादव अतिरिक्त उपायुक्त ने चेकिंग टीम को लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। पहले दिन चेकिंग टीम द्वारा 10 प्रदूषण जांच केंद्र पर अचानक छापा मारा। छापे के दौरान पांच प्रदूषण केंद्रों का मौके पर पाई गई थी खामियों के कारण मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किया गया और उक्त सभी प्रदूषण जांच केंद्रों की सभी मशीन जब्त की गई थी। ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर राजेश मलिक, खेम चंद, रविंद्र, भागीरथ की टीम ने दूसरे दिन आठ केंद्रों पर जांच की गई। पांच पर अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। इनमें वीके प्रदूषण जांच केंद्र मार्फत शिव मोटर वर्कशाप इंद्री, जेएस प्रदूषण जांच केंद्र मार्फत रिलायंस पेट्रोल पंप इंद्री, आरके प्रदूषण जांच केंद्र मार्फत श्यामगढ़ फीलिंग स्टेशन करनाल, दहिया प्रदूषण जांच केंद्र मार्फत करण फीलिंग स्टेशन, एमके प्रदूषण जांच केंद्र मार्फत चौधरी आयल कंपनी शामिल हैं। इनकी न तो मशीनें सही काम कर रही थी और निर्धारित फीस से ज्यादा रुपये वसूले जा रहे थे। इसके अलावा चेकिंग की सूचना पाकर तीन केंद्र बंद करके मौके से फरार हो गए। इनमें वर्धमान फिलिंग स्टेशन, राधे-राधे फिलिंग स्टेशन और बंसल आटो सर्विस इंद्री शामिल है।
प्रदूषण जांच सर्टिफिकेट के रेट इस प्रकार है।
डीजल वाहन 100/- रुपये
पट्रोल टू व्हीलर 50 /- रुपये
पट्रोल फोर व्हीलर 80/- रुपये
चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा। वाहन चालक निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे न दें। अब तक 18 केंद्रों की जांच की जा चुकी है।
अनिश यादव, एडीसी।