संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/निसिंग। निसिंग क्षेत्र में सांभली रोड स्थित गुरुकुल में एक आचार्य ने शिष्य के साथ पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। सातवीं कक्षा के छात्र का शारीरिक शोषण किया। आरोप है कि वह बच्चे को बहला-फुसलाकर गुरुकुल के शौचालय में ले गया। उसके साथ अनैतिक काम किया। बच्चे की मां की शिकायत पर थाना निसिंग पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। आरोपी को गुरुकुल से गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि गुरुकुल में 25 छात्र पढ़ते हैं। रविवार दोपहर को आरोपी आचार्य आदित्य आर्य ने एक छात्र को पहले अपने कमरे में बुलाया। इसके बाद वह उसे शौचालय में ले गया। छात्र से कुकर्म किया। छात्र ने डर के कारण रविवार को किसी को कुछ नहीं बताया। सोमवार को हिम्मत कर गुरुकुल में खाना बनाने वाली सहायिका से फोन लेकर अपनी माता को इस बारे में सूचना दी। मां सोमवार रात को निसिंग थाने पहुंची थीं। मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। छात्र का मेडिकल कराकर काउंसिलिंग कराई जा रही है। मामले का बाल कल्याण समिति ने भी संज्ञान लिया है। समिति गुरुकुल के अन्य बच्चों से भी बातचीत करेगी। उनकी काउंसिलिंग की जाएगी।
गुरुकुल में लाइट न पानी, 15 दिन में एक बार कराते हैं घर फोन
शिकायत के बाद निसिंग थाना पुलिस गुरुकुल पहुंची तो चौंकाने वाली कुछ बातें भी सामने आईं। पुलिस के अनुसार गुरुकुल एक जर्जर इमारत में मार्च, 2025 से चलाया जा रहा है। पूरे गुरुकुल में एक सप्ताह से बिजली नहीं है। राइस मिल से तार लगाकर बिजली चलाई जा रही थी लेकिन 15 दिन से वह भी बंद है। अंदर पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है। पीने का पानी बाहर से लाया जाता है। गुरुकुल में पढ़ाई करने वाले छात्रों को 15 दिन में एक बार परिजन से बात कराई जाती है। आचार्य अपने फोन से बात करवाते हैं। गुरुकुल की मान्यता के बारे में पुलिस जानकारी लेगी।
गुरुकुल के विद्यार्थियों की करवाए जाएगी काउंसिलिंग
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन चंद्र प्रकाश वर्मा ने बताया कि निसिंग गुरुकुल का बहुत ही गंभीर मामला है। बाल कल्याण समिति वहां पढ़ रहे छात्रों की काउंसिलिंग करवाएगी। ताकि यह पता लग सके कि किसी अन्य छात्र के साथ तो ऐसा नहीं हुआ है। मान्यता और वहां की व्यवस्थाओं की जांच भी करवाई जाएगी। अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।