माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दहेज प्रताड़ना के मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई के बजाय जांच अधिकारी पर ही दबाव देकर समझौता कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला जांच अधिकारी ने दबाव देकर राजीनामे पर महिला के हस्ताक्षर कराए, इसके अलावा महिला के बच्चों को दिए जाने वाले प्लॉट पर भी आरोपी पक्ष मुकर गया।
एसपी को शिकायत देने के बाद सदर थाना पुलिस ने जांच अधिकारी समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। एसपी को दी शिकायत में रंबा निवासी पूजा रानी ने बताया कि उन्होंने ससुराल पक्ष के खिलाफ सात मार्च को शिकायत दी थी। ससुराल द्वारा दहेज प्रताड़ना, मारपीट व जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि मामले में जांच अधिकारी किताबो नियुक्त हुई थी। उन्होंने 10 मार्च को मिलने का समय दोपहर 12 बजे का दिया था, उस दिन जब वे मिलने पहुंचे तो दूसरा पक्ष पहले से वहां मौजूद था। इसके बाद जांच अधिकारी ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और दूसरे पक्ष को बाहर कर दिया। इस दौरान जांच अधिकारी ने उन्हें समझौता करने का दबाव बनाया। आरोप है कि जांच अधिकारी ने उन्हें कहा कि तुम्हारे केस में कोई जान नहीं है। इसके बाद उन्होंने 20 मार्च को दोबारा बुलाया। जब जांच अधिकारी ने नाराज होकर और बदतमीजी से बात की और राजीनामा करने का दबाव बनाया और अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उस दिन पंचायत भी हुई और जांच अधिकारी और आरोपियों ने मिलकर राजीनामा में एक 100 गज का घर उनके बच्चों के नाम वसीयत करने पर सहमति बनवाई और दबाव देकर उनसे हस्ताक्षर भी कराए। इसके बाद जांच अधिकारी ने दो अप्रैल को वसीयत दोनों बच्चों के नाम करने का आश्वासन दिया। लेकिन दो अप्रैल को आरोपी मुकर गए। पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।