- दादूपुर रोड़ान गांव से आरोपी जितेंद्र को किया गिरफ्तार, दोनों दो दिन के रिमांड पर भेजे
- मुकदमे में आरोपी अंकित पर भ्रष्टाचार एक्ट की धारा भी जोड़ी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। परिवार पहचान पत्रों में छेड़छाड़ करके अमीरों को गरीब दिखाने वाला क्रीड (नागरिक संसाधन सूचना विभाग) का जोनल प्रबंधक आरोपी अंकित रुपयों का लेनदेन अपने साले जितेंद्र के माध्यम से करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गांव दादूपुर रोड़ान निवासी जितेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। ताकि उनसे गहनता से पूछताछ करके मामले में और भी खुलासे किए जा सकें और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। मुकदमे में आरोपी अंकित पर पुलिस ने भ्रष्टाचार एक्ट की धारा भी जोड़ दी है।
पुलिस के अनुसार, अब तक हुई पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी जोनल प्रबंधक अंकित चार सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों और कुरुक्षेत्र के ग्राम सचिव इशम सिंह और श्रम विभाग के चार कर्मचारियों के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा करता था। आरोप है कि सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का सपना दिखाकर वह लोगों से मोटी रकम वसूलते हुए परिवार पहचानपत्र में उनके व्यवसाय को बदलकर निर्माण श्रमिक तक बना देता था। इसके बाद उनके बैंक खाते में सरकारी योजनाओं के तहत आने वाली राशि में से कमीशन लेता था।
निसिंग थाना प्रभारी रामलाल का कहना है कि आरोपी अंकित अपने साले दादूपुर रोड़ान निवासी जितेंदर के माध्यम से पैसों की सेटिंग करता था। जिसे मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इसका और अंकित का दो दिन का रिमांड लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। आरोपी अंकित के खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
तीन साल पहले हुई थी तैनाती, शिकायत पर किया तबादला
अप्रैल 2022 में उसकी तैनाती क्रीड में जोनल प्रबंधक के तौर पर हुई थी। उसे मेरा परिवार पोर्टल पर विवाह के आधार पर फैमिली आईडी से लोगों के डाटा को डिलीट या शिफ्ट करने की ड्यूटी दी गई। आवेदन को ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेजों की जांच करके मंजूर या नामंजूर करने के अलावा पोर्टल पर डाटा इशू व नागरिक के शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन करने की भी जिम्मेवारी विभाग की ओर से दी गई थी। करनाल के एडीसी कार्यालय में उसकी तैनाती हुई। यहां आला अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए वह परिवार पहचानपत्रों में छेड़छाड़ करता रहा। शिकायतें आने के बाद उसका तबादला निसिंग नगर पालिका में कर दिया गया। यहां केवल निसिंग खंड के नागरिकों के आवेदन को मंजूर या नामंजूर करने का अधिकार उसे दिया हुआ था। यहां पर फर्जीवाड़ा करते हुए उसे 20 जून को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के छापे के दौरान पकड़ा गया। अब रिमांड के दौरान खुलासे हो रहे हैं।
सीएससी संचालकों को शेयर करता था आईडी और ओटीपी
रुकनपुर निवासी आरोपी अंकित सीएससी संचालक घरौंडा के गांव चौरा निवासी सन्नी, रामकुमार, सूरजभान, गुरदीप के साथ मिलकर पीपीपी में छेड़छाड़ करता था। आरोपी अंकित सीएससी संचालक सन्नी को परिवार पहचानपत्रों में गैर कानूनी बदलाव के लिए अपनी लॉगइन आईडी, पासवर्ड और ओटीपी दिया करता था। इसके बदले में लोगों से वसूली राशि सन्नी अंकित को देता था। लोगों को काम करवाने के लिए ग्राहक बनाकर सीएससी संचालक रामकुमार, सूरजभान और गुरदीप अंकित के पास सीधे लेकर आते थे। निर्माण श्रमिक बनाने के लिए ग्राम सचिव इशम सिंह की लॉगइन आईडी इस्तेमाल होती थी। जबकि श्रमिकों के आवेदनों की स्वीकृति श्रम विभाग के कर्मचारी विकास, प्रदीप, खुशी राम और धर्मेंद्र करते थे।