फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे फर्म मालिकों संग मिलकर अकाउंटेंट ने किया 18.50 लाख जीएसटी का गबन

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

मधुबन (करनाल)। असंल रोड स्थित मैसर्स स्पेश हेल्थ केयर व केआर लेबोरेट्री में 18.50 लाख रुपये जीएसटी का गबन करने का मामला सामने आया है। गबन का आरोप दोनों फर्मों में पार्ट टाइम अकाउंटेंट के तौर पर काम करने वाले रिंकू पर है। आरोपी ने जीएसटी भरने के लिए दिए गए 18.50 लाख रुपयों से दूसरे फर्मों की जीएसटी भर दी। इसका पता आरोपी के नौकरी छोड़ने और नए सीए द्वारा फर्म के खाते चेक करने के बाद लगा। जिसके बाद फर्म मालिक ने मधुबन थाना पुलिस में गबन का मामला दर्ज कराया है।
अंसल टाउन निवासी राजीव ने बताया कि उसकी दो फर्म मैसर्स स्पेश हेल्थ केयर व केआर लेबोरेट्री अंसल रोड पर स्थित है। जिसमें दवाइयां बनती हैं। दोनों फर्म में गली नंबर तीन, आरके पुरम निवासी रिंकू बतौर पार्ट टाइम अकाउंटेंट वर्ष 2016 से मार्च 2022 तक कार्यरत रहा। फर्म का पुराना कर्मचारी होने के नाते उसने रिंकू पर विश्वास कर उसके कहे अनुसार जहां-जहां जिस विभाग में जितना जीएसटी बनता था। उनका वह रिकॉर्ड तैयार करके उसके हस्ताक्षर करवा लेता था। उसे अकाउंट, जीएसटी रिटर्न व जीएसटी टैक्स जमा कराने की कोई जानकारी तकनीकी कारणों से नहीं थी। रिंकू ने मार्च 2022 में फर्म के अकाउंट बनाने बंद कर दिए और पार्ट टाइम नौकरी छोड़ दी। फर्म मालिक ने गबन का पता लगते ही छह जुलाई 2022 को भी मधुबन पुलिस में आरोपी अकाउंटेंट रिंकू के खिलाफ शिकायत दी थी। लेकिन अभी तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद अब उसने दोबारा शिकायत दी है।
विज्ञापन

नए सीए ने खाते चेक किए तो गबन का हुआ खुलासा
फर्म मालिक राजीव ने बताया कि आरोपी अकाउंटेंट रिंकू के नौकरी छोड़ने के बाद उसने फर्मों के खाते बनाने के लिए नया सीए रखा। नए सीए ने दोनों फर्मों के खाते चेक किए तो जीएसटी रिटर्न के मुताबिक अकाउंटेंट रिंकू ने जीएसटी टैक्स जमा नहीं कराया, बल्कि उसकी फर्म के बजाय जिन अन्य फर्मों के वह अकाउंट बुक्स बनाता था, उनके खाते में जीएसटी उसके खातों से जमा करा लिया, जबकि वह उन फर्म मालिकों को जानता तक नहीं है। खातों की जांच करने पर सीए ने बताया कि 18.50 लाख रुपये का गबन दूसरे फर्म मालिकों से मिलकर किया है।
विज्ञापन

आईजी से लेकर मानवाधिकार आयोग तक की शिकायत
फर्म मालिक राजीव ने गबन मामले की जांच इकॉनोमिक सेल से कराने की मांग की है। क्योंकि इसमें वित्तीय लेन-देन का घोटाला आरोपी रिंकू ने किया है। इकॉनोमिक सेल द्वारा जांच करने पर ही पता चल पाएगा कि उसने किन-किन फर्मों के नाम जीएसटी उसकी फर्मों से बिना उसकी जानकारी के जमा करवाया है। मामले की शिकायत करनाल रेंज आईजी, डीजीपी हरियाणा पुलिस, पंचकूला, सीएम फ्लाइंग स्क्वायड हरियाणा, मानवाधिकार आयोग और केंद्र सरकार से भी की है।
फर्म मालिक ने जीएसटी गबन का मामला दर्ज कराया है। जिसकी जांच चल रही है। आरोप तय होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सज्जन सिंह, थाना प्रभारी, मधुबन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें