माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चांदसमंद गांव निवासी रोहित शर्मा को पुर्तगाल भेजने के नाम पर दो युवकों ने 16 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने रोहित को पुर्तगाल के बजाय रूस व बेलारूस भेज दिया, जहां उसे महीनों जंगलों में रहना पड़ा।
बाद में पोलैंड बॉर्डर पर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे भारत लौटना पड़ा। इस मामले में इंद्री थाना पुलिस ने आरोपी अजय शर्मा निवासी मोहड़ी और आशु शर्मा निवासी सांभली के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और इमिग्रेशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित रोहित ने बताया कि अजय शर्मा ने खुद को जापान से लौटने वाला बताया और दावा किया कि वह और उसका साथी आशु पुर्तगाल भेजने का काम करते हैं। 16 लाख रुपये में सौदा हुआ और रकम मोहड़ी गांव के एक रिश्तेदार विपिन के पास रखी गई।
22 दिसंबर 2023 को रोहित के पिता और चाचा ने विपिन को 14 लाख रुपये सौंपे, जो बाद में अजय शर्मा को दे दिए गए। इसके बाद आशु ने रोहित की फ्लाइट बुक कर रूस भेज दिया, जहां पहुंचकर रोहित को पुर्तगाल पहुंच गया बताने का दबाव डाला गया। इसके बाद रोहित को दो महीने रूस और बेलारूस के जंगलों में रखा गया और पोलैंड बाॅर्डर पर छोड़ दिया गया।
रोहित ने बताया कि इस दौरान डोंकरों ने उससे उसके पिता से दो लाख रुपये मंगवाए और फोन छीनकर फेंक दिया। बाद में वह बेलारूस की सेना के हाथ लगा और भारत वापस भेजा गया। पीड़ित ने बताया कि अजय और आशु ने न तो उसे पुर्तगाल भेजा और न ही रुपये लौटाए।
पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।