सालभर पहले भाजपा में शामिल हुए हरविंद्र कल्याण की प्रतिष्ठा बढ़ गई है। भाजपा की टिकट पर घरौंडा से पहली बार विधायक बने और एक साल के अंदर ही उन्हें हैफेड का चेयरमैन बनाया गया है। बता दें कि इससे पहले भी हरविंद्र कल्याण बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन वे विधानसभा में नहीं पहुंच पाए थे। उनके चेयरमैन बनने से घरौंडा हलके के लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
हलका विधायक हरविंद्र कल्याण का जन्म सन 1967 में मधुबन स्थित कल्याण फार्म पर हुआ। उन्होंने बचपन से ही राजनीति का शोक था। राजनैतिक सफर उन्होंने कांग्रेस से शुरू किया और राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के पदों पर रहे। उन्होंने सन 2009 में बसपा से विधानसभा का चुनाव लड़ा और लगभग तीस हजार वोट हासिल किए। विधानसभा चुनाव से तुरंत पहले कल्याण ने भाजपा ज्वॉइन की।
साथ ही घरौंडा से भाजपा की टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। विधानसभा चुनाव में उन्होंने 18,700 वोटों से जीत हासिल की। विधायकों में हरविंद्र कल्याण की सीएम का नजदीकी माना जाता है। साथ ही उनकी साफ छवि और सादगी के कारण भी उनकी चेयरमैनी की दावेदारी औरों से मजबूत रही। उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हरविंद्र कल्याण रोड़ समाज से अकेले विधायक हैं, ऐसे में जातिगत समीकरणों के चलते भी कल्याण को चेयरमैनी दी गई है।
जिम्मेदारी पर खरा उतरूंगा : कल्याण
हैफेड के नवनियुक्त चेयरमैन हरविंद्र कल्याण ने कहा कि जिस मकसद से हैफेड का गठन हुआ था, उन्हीं मकसदों के साथ हैफेड को ऊंची बुलंदियों तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करेंगे। किसानों व व्यापारियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। चैयरमेन बनने के बाद हरविंद्र कल्याण ने अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने पार्टी हाईकमान व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी हाईकमान ने जो जिम्मेवारी सौंपी है, उसका पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वाह करेंगे। उन्होंने राजनैतिक जीवन अपने पिता देवी सिंह कल्याण के आदर्शों से शुरू किया। प्रदेश सरकार के शासनकाल में विकास कार्यों में तेजी आई है और उसी के साथ हैफेड में एक सफल नेतृत्व दिया जाएगा। हैफेड में नये आयाम भी स्थापित किए जाएंगे। हैफेड के माध्यम से किसानों व व्यापारियों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।