संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गांव बल्ला में एससी-एसटी एक्ट के मामले में आरोपी विजय को गिरफ्तार करने पहुंचे असंध डीएसपी गोरखपाल राणा व मूनक थाना पुलिस टीम के साथ परिवार के लोगों ने हाथापाई कर दी। परिवार की दो महिलाओं सहित तीन अन्य ने पुलिस टीम को रोका। सभी पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए। आरोपी को घर से भगा दिया।
मूनक थाना पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से हाथापाई करने का केस दर्ज किया है। हाथापाई के एक आरोपी आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करके जेल भेज दिया है।
डीएसपी असंध गोरखपाल राणा के नेतृत्व में गई पुलिस टीम में मूनक थाना प्रभारी बृजपाल और सहायक निरीक्षक रोहताश सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सोमवार दोपहर 2 बजे पुलिस टीम गांव में पहुंची थी। आरोपी विजय घर के अंदर था। पुलिस टीम के पहुंचने पर गेट पर मौजूद महिला सोनिया और कलोर ने पुलिस टीम से अभद्र व्यवहार किया। सोनिया ने फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। घर की तलाशी लेने देने से मना कर दिया। विजय के घर पर नहीं होने की कहते हुए पुलिस को गुमराह किया।
पुलिस के अनुसार इसी दौरान खुद को विजय का भाई बता रहे आनंद नामक युवक ने टीम से हाथापाई शुरू कर दी। हंगामे के बाद पुलिस जाने लगी तो महिला कलोर, रतन सिंह फौजी और महावीर फौजी ने गाड़ी के आगे लेटकर टीम को रोक लिया। पुलिस टीम ने स्थिति पर काबू पाया और हाथापाई के आरोपी आनंद को गिरफ्तार कर लिया। हाथापाई के अन्य आरोपी मौके से भाग गए।
डीएसपी गोरख पाल राणा ने बताया कि पुलिस ने आरोपी आनंद, सोनिया, कलोर, रतन सिंह फौजी और महावीर फौजी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
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20 दिन पहले गांव के सरपंच ने करवाया था केस दर्ज
करीब 20 दिन पहले गांव बल्ला के सरपंच कर्मचंद ने विजय के खिलाफ मूनक थाना पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप लगाया था कि गांव में बैठक के दौरान विजय ने उनको गाली दी थी। जातिसूचक शब्द बोले थे। इसी शिकायत के आधार पर मूनक थाना पुलिस ने विजय के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।