वैलेंटाइन डे केवल प्रेमी जोड़ों तक सीमित नहीं है। यह उन रिश्तों का उत्सव भी है जो समय, संघर्ष और समझदारी की कसौटी पर खरे उतरे हैं। उत्सव उन जोड़ों का जिन्होंने अपने रिश्तों को सच्चाई, विश्वास और आपसी समझ से मजबूत बनाया। सभी को साथ में लेकर चले। किसी ने अपने प्रेम को शादी में बदलने के लिए तीन से चार साल का इंतजार किया तो किसी ने शादी के बाद प्रेम की शुरुआत की। साथी के प्रेम के साथ परिवार का साथ भी महत्वपूर्ण रहा।
उन पर विश्वास था और सभी मान गए
सेक्टर-13 निवासी अनामिका जैन और उनके पति जिनेश जैन ने बताया कि उन्होंने 1997 में प्रेम विवाह किया था। पति उनकी छोटी बहन को पढ़ाने के लिए घर पर आया करते थे। धीरे-धीरे दोस्ती हुई। एक साल बाद पति ने कहा कि शादी करनी है। घर में बताया तो भाई और पिता ने इंकार दिया। उन पर विश्वास था। दोनों ने सभी को मनाया। एक साल का समय लगा। आखिर में सभी मान गए। 2025 में शदी को 28 साल हो गए। अब वह नाना-नानी भी बन चुके हैं।
परिवार थे खिलाफ, मनाने में लगे चार साल
शहर निवासी आशना सिंगला ने बताया कि प्रेम विवाह को 6 साल हो चुके हैं। पति अतुल वत्स से 13 साल पहले कॉलेज में मिली थीं। दोनों ने एमबीए में दाखिला लिया था। अच्छे सहपाठी, फिर दोस्त बने। तीन साल बाद दोस्ती के प्यार में बदलने का अहसास हुआ। आशना हरियाणा से हैं और अतुल बिहार से। अलग राज्य, अलग जाति और अलग रीति-रिवाज। पति के परिवार को मनाने में चार साल लगे। आखिरकार परिवार मान गए और 2019 में शादी हुई। आज उनकी एक प्यारी सी बेटी है।
शादी के बाद किया प्यार का इजहार
राजू और मीनू सैनी ने बताया कि उनकी शादी को 22 साल हो चुके हैं। वर्ष 2004 में उनका विवाह हुआ था। शादी से पहले दोनों ने एक-दूसरे को देखा तक नहीं था। एक-दूसरे को समझने में समय लगा। दोनों ने पहले दोस्त बनने की कोशिश की। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, एक-दूसरे की पसंद-नापसंद जानी और जिम्मेदारियों को साथ मिलकर निभाया। शादी के कुछ समय बाद प्यार का इजहार किया। राजू सैनी ने बताया कि उनकी शादी पूरी तरह से प्रेम विवाह की तरह ही है।