माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विभाजन की विभीषिका झेलने वालों की याद में ऋषिकेश में विशाल राष्ट्रीय स्मारक और अत्याधुनिक संग्रहालय बनाया जाएगा। इस स्मारक में भगवान राम, अरुट महाराज, माता हिंगलाज, महर्षि कश्यप, गुरु तेग बहादुर, गुरु गोविंद सिंह, शहीद भगत सिंह, शहीद मदन लाल ढींगरा कई अन्य समाज के चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। संग्रहालय में हॉरर गैलरी और विस्थापन गलियारा बनाया जाएगा। अत्याधुनिक तकनीक से विभाजन के दृश्यों को दर्शाया जाएगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास ट्रस्ट के नवनियुक्त महामंत्री बोधराज सीकरी ने शनिवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के समय वर्ष 1947 के विभाजन की उस अमानवीय त्रासदी में लाखों लोगों ने अपना घर-बार खोया और अनगिनत जिंदगियां मजहबी उन्माद की भेंट चढ़ गईं। उन बलिदानों और संघर्षों को संजोने के लिए विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास के गठन की घोषणा की गई है।
उन्होंने बताया कि न्यास का गठन केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में किया गया है। संस्थापक अध्यक्ष स्वामी धर्मदेव ने बताया कि मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड के चेयरमैन रमेश चंद जुनेजा को इस ट्रस्ट का आजीवन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
सीकरी ने बताया कि नई टीम में सुमन कांत मुंजाल, सुनील सचदेवा, सुनील सतीजा, राजीव गुलाटी, मनमोहन चावला, अजय खन्ना, पीके दत्ता, राजीव मुकुल, दिनेश नागपाल, पूर्ण डाबर, सुरजीत ओबेरॉय, बलदेव राज भाटिया, सुमित नंदा, प्रवीण भाटिया, सतीश ग्रोवर, अभिषेक बंगा को शामिल किया गया है। ट्रस्ट के सदस्य बनने पर सुभाष अरोड़ा, हरिंदर होरा, संजीव कुमार, ओमप्रकाश कथूरिया, दीप कालरा, चंद्रशेखर तनेजा, विकास कपूर ने सहमति दी है।
आध्यात्मिक गुरु बनाए गए संरक्षक
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम के प्रमुख आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनिजी, ऋषि चैतन्य आश्रम गन्नौर की संस्थापिका आनंदमूर्ति गुरु मां, रोहतक जिला के कलानौर स्थित प्रसिद्ध गद्दी टिकाणा सती भाई साईं दास के महंत राम सुखदास महाराज को ट्रस्ट में मुख्य संरक्षक, संरक्षक के रूप में मनोनीत किया गया है।
असम के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी, सेवानिवृत्त आईएएस सुरीना राजन कुमार, सेवानिवृत आईएएस मुकेश आहूजा, सेवानिवृत कुलपति डाॅ. अशोक दिवाकर, सेवानिवृत कुलपति डाॅ. मार्कण्डेय आहूजा को भी न्यास में शामिल किया गया है।