माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर के नंबर-1 का ताज पहनने में निकाय अधिकारी ही रोड़ा अड़ा रहे हैं। हानगर निगम के सदन की मंजूरी के सात माह बाद भी शहर के 26 बाजारों में रात में सफाई की फाइल आगे नहीं बढ़ पाई है।
नगर निगम अपने बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट को सदन में पास होने के सात माह बाद भी अमल में नहीं ला सका। जून, 2025 में नगर निगम सदन की बैठक में शहर के बाजारों की रात को सफाई का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद योजना फाइल से आगे नहीं बढ़ पाई। अब तक तो टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है। बाजारों में कचरे के ढेर लगे हैं। दुकानदार तो परेशान हैं ही ग्राहकों को भी दिक्कत होती है। बाजारों की ये व्यवस्था स्वच्छता रैंकिंग में निगम को बड़ा झटका दे सकती है।
नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के तहत 26 बाजारों में रात के समय सफाई के लिए प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये खर्च करने की योजना बनाई थी। मासिक भुगतान लगभग 31 लाख रुपये निर्धारित किया गया था। ठेका पांच वर्षों के लिए दिया जाना था, जिसकी कुल लागत 18.55 करोड़ रुपये तय की गई थी। रात को दस बजे के बाद और सुबह छह बजे तक करीब 130 कर्मचारियों को सफाई करनी थी।
यहां पर अटकी फाइलनिगम अधिकारियों ने बताया कि सदन में पास होने के बाद प्रस्ताव को निकाय के पास प्रशासकीय अनुमति के लिए भेजा गया था। निकाय से कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गईं। आपत्तियों को दूर करने के बाद फाइल सरकार के पास भेजी जा चुकी है। टेंडर की प्रशासकीय अनुमति का इंतजार है। अधिकारियों का दावा है कि बाजारों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत निगम कर्मी सफाई करने जाते हैं।
इन बाजारों में होगी सफाई
नगर निगम की ओर से कर्ण बाजार, दुपट्टा मर्केट, पटेल बाजार, नेहरू पैलेस, कुंजपुरा रोड, अस्पताल रोड, क्लब मार्केट, बस स्टैंड मार्केट, महावीर दल मार्केट, तलवार चौक से भगवाडिया गैस एजेंसी तक, रेलवे रोड, सदर बाजार रोड, नोवल्टी रोड, सर्राफा बाजार, मीरा घाटी से महाराणा प्रताप चौक होते हुए मेरठ चौक, मॉडल टाउन मार्केट, सेक्टर 13-14, 5, 6, 7, 8, 9 की मार्केंट, कर्ण विहार मर्केट, राम नगर मार्केट और ओल्ड सब्जी मंडी में रात को सफाई कराई जाएगी।
दुकानदारों बोले-
- रात को सफाई तो होती है लेकिन दिन में कूड़ा ज्यादा निकलता है। यहां अगर डस्टबिन लगाने चाहिए, ताकि कूड़ा कर्कट ज्यादा न फैले।- सुनील, दुकानदार, कर्ण गेट।
- निगम की ओर से सफाई तो की जाती है लेकिन सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती। बाजारों में नियमित सफाई की आवश्यकता है। - विशाल, कुंजपुरा रोड मार्केट।
- रात को सफाई तो दूर की बात यहं निगम की ओर से लगाए गए डस्टबिन तक भरे रहते हैं। इनकी सफाई तक नहीं हो पाती। जिससे दुकानदार और ग्राहक भी परेशान हैं। - लखन, सेक्टर 12 मार्केट।
- यहां से कूड़ा उठाकर यहीं पर एक प्लॉट में डाल दिया जाता है। इससे सफाई भी दिखती है और गंद भी। निगम की ये कार्यप्रणाली समझ से बाहर है। - सुरेश, पुरानी सब्जी मंडी।
इस टेंडर की फाइल शहरी स्थानीय निकाय के पास प्रशासकीय अनुमति के लिए भेजी गई है। अनुमति मिलने के बाद टेंडर लगाकर आगामी कार्रवाई होगी।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त, नगर निगम।
नेहरू पैलेस में कूड़े से भरे डस्टबीन संवाद