फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: लाडले को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

विज्ञापन
लाडले को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब - फोटो : लाडले को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
विज्ञापन
- बहन ने भाई को दिया कंधा और पिता का हाथ पकड़ दी मुखाग्नि
विज्ञापन


- मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, कृषि मंत्री समेत पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

- लोगों की नम आंखों में दिखा पाकिस्तान के लिए आक्रोश, विनय अमर रहे और पाक मुर्दाबाद के लगे नारे



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए नेवी के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का बुधवार को करनाल में अंतिम संस्कार हुआ। बहन सृष्टि, पिता राजेंद्र और चचेरे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले बहन ने भाई को कंधा भी दिया। हरियाणा के लाल को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी ने नम आंखों से विदाई दी।

विनय को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए मॉडल टाउन स्थित शिवपुरी में सीएम नायब सिंह सैनी, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और कई विधायकों समेत पक्ष और विपक्ष के नेता पहुंचे। अंतिम यात्रा में लोगों ने विनय नरवाल अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए।
विज्ञापन


आतंकी हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की हत्या की सूचना मिलने के बाद मंगलवार देर रात से शहर में हलचल पैदा हो गई थी। सुबह से लोग सेक्टर-7 स्थित उनके आवास पर आने शुरू हो गए थे। हर कोई उनके अंतिम दर्शन करना चाहता था। विनय का पार्थिव शरीर जैसे ही गली में पहुंचा नारे लगने शुरू हो गए थे। उधर, घर में चीख पुकार के बीच बेटे की बहादुरी को याद किया जा रहा था। उनकी अंतिम यात्रा सेक्टर-7 स्थित आवास से हुजूम के साथ नेशनल हाईवे-44 से होते हुए मॉडल टाउन के शिवपुरी पहुंची। जहां पहले से ही नौसेना के जवान श्रद्धांजलि के लिए तैनात थे।



पत्नी और मां को भेंट किया तिरंगा

इससे पहले हवाई मार्ग से लेफ्टिनेंट विनय के पार्थिव शरीर को कश्मीर से दिल्ली लाया गया। जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दिल्ली से नौसेना की एंबुलेंस से पार्थिव शरीर करनाल लाया गया। शिवपुरी में अंतिम संस्कार से पहले नौसेना ने उन्हें सैन्य सम्मान भी दिया। पार्थिव शरीर से हटाकर तिरंगा मां आशा और पत्नी हिमांशी को भेंट किया गया।
विज्ञापन




पत्नी बोली, मेरा तो सब कुछ खत्म हो गया

शिवपुरी में अंतिम दर्शन स्थल पर जिस समय सभी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। वहां अंतिम दर्शन के लिए विनय के मुंह से कपड़ा हटाया गया था। इस दौरान पत्नी ने उसके माथे को चूमा और बेसुध होते हुए बोली- तुम क्यों चले गए, मेरा तो सब कुछ खत्म हो गया। पिता, मां और दादा का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बहन सृष्टि भी अंतिम संस्कार के समय खुद को संभाल नहीं पाई। वो भी यही कहती रही भैया तुम हमें छोड़कर क्यों चले गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें