करनाल।
क्रिकेट कोच सुखबीर चौधरी करीब 24 सालों से खिलाड़ी की प्रतिभाओं को तराश कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के तैयार कर रहे है। वह प्रताप क्रिकेट आकादमी में क्रिकेट कोच हैं। अब तक करीब 10 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेज चुके हैं।
वर्ष 2001 में एक मैच के दौरान उनकी एड़ी में चोट आ गई थी। जिसके बाद वह दोबारा कभी क्रिकेट नहीं खेल पाए। चोट की वजह से भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलने का सपना अधूरा रह गया लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब उनकी अकादमी के खिलाड़ी नाम चमका रहे हैं। कोच सुखबीर ने बताया कि 1991 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनके साथ कोच गुरमीत सिंह भी खेला करते थे। वह अब सरकारी कोच है। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों में पहला मैच 16 साल की उम्र में खेला था। जिसके बाद हरियाणा क्रिकेट बोर्ड के लिए अंडर-19 में तीन साल तक खेले। उन्होंने रेस्ट ऑफ चैंपियंस ट्रॉफी भी खेली हुई है। जिसके चलते उनका चयन हरियाणा की टीम में हो गया था। साथ में आईपीएल में खेलने वाले असंध के क्रिकेट सुमित नरवाल के खिलाफ भी खेल चुके है, क्योंकि सुमित उन दिनों दिल्ली के लिए खेला करते थे।
उन्होंने बताया कि अपने जीवन के चार साल क्रिकेट खेला और इसमें कई बीसीसीआई के बड़े मुकाबले भी खेले है। साथ में उन्हें कई बार हरियाणा ओलंपिक संघ की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है। उनकी अकादमी में से हर्षित सैनी, शौर्य जगलान और सागर कल्याण दुबई की टीम के लिए खेल रहे है। इस समय उनके पास करीब 90 खिलाड़ी निरंतर अभ्यास करते है। जिसमें लड़कियां भी शामिल हैं। अब उनका लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट टीम में खेलते हुए देखना है।