माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में जल्द ही गो अभ्यारण्य स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से 50 से लेकर 250 एकड़ तक जगह की तलाश की जाएगी। हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग की अध्यक्षता में सोमवार को लघु सचिवालय में बैठक हुई। उन्होंने सभी गोशालाओं की व्यवस्था, बेसहारा गोवंश पुनर्वास अभियान को लेकर एसडीएम करनाल प्रदीप कुमार व गोशाला संचालकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने जिले में गो अभ्यारण्य स्थापित करने के लिए संयुक्त रूप से विचार-विमर्श किया और जगह तलाश के निर्देश दिए।
अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा कि एक हजार से कम गोवंश वाली गोशालाओं को एक ई-रिक्शा शीघ्र ही उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी बेसहारा गोवंश सड़क पर न घूमें, यदि मिले तो उसे नजदीकी गोशालाओं में रखें। उन्होंने गोशालाओं में मौजूद गोवंश की संख्या और प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन की जानकारी प्राप्त की। साथ ही गोशालाओं के प्रबंधकों को देसी गोवंश के नस्ल सुधार के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर नीलोखेड़ी बीडीपीओ कुलबीर खर्ब, पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय अंतिल, पशु चिकित्सक तरसेम राणा, स्वामी संपूर्णानंद मौजूद रहे। ब्यूरो
- गोशालाओं की रजिस्ट्री पर शुल्क शून्य
अध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सभी पंजीकृत गोशालाओं में 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली प्रदान की जा रही है, गोशालाओं की रजिस्ट्री पर शुल्क शून्य किया गया है। जमीन की सीएलयू व प्रापर्टी टैक्स सरकार ने शून्य किया है। जिन गोशालाओं में एक हजार से ज्यादा गोवंश मौजूद हैं, उनके प्रबंधक बिजली के कनेक्शन, सोलर पावर प्लांट लगवाने के लिए एसडीएम करनाल व डीडीपीओ करनाल कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।