करनाल। शहर में निर्माणाधीन विकास कार्याें, उनकी गुणवत्ता के लिए वीरवार को नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने निगम की अभियंता शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता से समझौता नहीं होगा। उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि अभियंता शाखा से जुड़े विकास कार्यों के लिए विस्तृत चेक लिस्ट तैयार की जाए। कार्य शुरू करने से पहले साइट अधिकृत है या अनधिकृत और फिजीबिलिटी जैसे अनिवार्य बिंदुओं की जानकारी उस चेक लिस्ट में दर्शाई जाए। किसी भी एस्टीमेट को प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजने से पहले निर्धारित चेक लिस्ट को अनिवार्य रूप से भरा जाए।
निगमायुक्त ने अभियंताओं को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करते हुए निर्देश दिए कि वे संबंधित वार्डों में नियमित निगरानी बनाए रखें तथा प्रत्येक विकास कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी तकनीकी व्यवहार की गहन जांच अवश्य की जाए और उचित पाए जाने पर ही कार्य आरंभ किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डी-प्लान के अंतर्गत कार्य करवाए जाने के बाद जो राशि शेष बची है, उस राशि का उपयोग अन्य आवश्यक विकास कार्यों में किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके। इसके अलावा सीवरेज व जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।