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बिजली संकट पर किसानों का बवाल

Tue, 23 Jul 2013 05:33 AM IST
Karnal
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करनाल। किसानों को आ रही बिजली समस्या को लेकर भाकियू का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। सोमवार को भाकियू नेताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन कर बिजली निगम के एसई कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। भाकियू नेताओं ने सरकार और विभाग पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनकी सभी मांगों को हल करने की बात कही। बाद में किसानों ने एक्सईएन को एक मांगपत्र सौंपा और चेताया कि समय रहते किसानों की मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज होगा। इससे पहले भाकियू की पंचायत भवन में बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पृथ्वी सिंह ने की। बैठक में किसानों ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार किसानों की लगातार अनदेखी करती आ रही है। किसानों की मेहनत से ही प्रदेश को कई प्रकार के सम्मान मिले हैं। किसान खेती में पैदा होता है और खेती में ही काम करता है और खेती में ही मर जाता है लेकिन देश की सरकारों द्वारा लगातार उनकी अनदेखी की जाती रही है। किसानों के लिए आजादी के 65 साल साल बाद भी कृषि नीति नहीं बनाई गई। समय पर किसानों को बिजली, ट्रांसफार्मर व मेंटेनेंस नहीं दिए जाते, इससे किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है। किसानों ने बैठक में चोरी हुए ट्रांसफार्मरों, डेरों व ढाणियों पर बिजली नहीं दिए जाने, किसानों से लाखों रुपये जमा कराके भी उनको कनेक्शन नहीं दिए जाना, धान के सीजन में बिजली की व्यवस्था खराब होने आदि मांगों पर चर्चा की गई। इसके बाद किसान यहां से आंदोलनरत होकर प्रदर्शन करते हुए एसई कार्यालय की ओर रवाना हुए और यहां जोरदार नारेबाजी कर आवाज बुलंद की।
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एक्सईएन ने किसानों को दिया भरोसा
एसई कार्यालय पर पहुंचकर किसानों ने एक घंटे तक धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार को चेताया कि अगर उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो भाकियू बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। इसके बाद एक्सईएन को किसानों ने अपना मांगपत्र सौंपा। एक्सईएन ने किसानों को भरोसा दिया है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई कर जल्द ही उन्हें हल करा दिया जाएगा।

ये हैं मुख्य समस्याएं
बैठक में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि सरकार की नीति किसानों के लिए घातक सिद्ध हो रही है। 2010 से चोरी हुए ट्रांसफार्मर, जोकि 400 के आसपास हैं, ये अभी तक किसानों को नहीं दिए गए हैं। उनके बिना किसानों की फसलें लगातार तीन साल से खराब हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि 11 मार्च के फैसले अनुसार जल्द ही ट्रांसफार्मर दिए जाएं। इसके अलावा जिन किसानों ने ट्यूबवेल कनेक्शन लेने के लिए 2005 में पैसे जमा कराए थे, जो कि 80000 से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक किसानों ने आढ़ती व साहूकारों से ब्याज पर लेकर बिजली विभाग के पास जमा करा दिए गए थे और आज तक न तो उनको कनेक्शन मिले और न ही बिजली पानी और किसानों पर ब्याज लगातार चढ़ता जा रहा है। फैसले के मुताबिक डेरे और ढाणियों पर मेट्रो लाइन से एक जुलाई तक सभी जगह बिजली दे दी जाएगी, की घोषणा की गई थी लेकिन वह भी नहीं दी गई। अब धान का सीजन लगभग लगाने का पूरा हो चुका है लेकिन किसानों को चोरी हुए ट्रांसफार्मर व बिजली की सप्लाई नहीं दी जा रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से चौ. कबूल सिंह, राम सिंह, अवतार सिंह, टेकचंद दहिया, भीम सिंह, कुलदीप सिंह बब्बर, सूबे सिंह लाठर, रकम सिंह, जीवन सिंह मौजूद रहे।
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