करनाल। बेटी होगा, तो खुशियां लौटेंगी...यह नारा लोगों के दिलोदिमाग पर सही असर करने लगा है। प्रशासन की मुहिम और जनता का सहयोग अब सार्थक पहल के रुप में सामने आ रहा है। बेटी बचाओ अभियान से प्रेरित होकर गांव शामगढ़ की पंचायत ने फैसला लिया है कि गांव में एक मार्च के बाद पैदा होने वाली हर बेटी के मां-बाप को 1100 रुपये इनाम दिया जाएगा। इतना ही नहीं गांव शामगढ़ व पधाना की पंचायत ने कन्या भ्रूण हत्या कराने वाले का ब्योरा देने पर 21 हजार रुपये का इनाम देने का फैसला किया है।
इस मामले में प्रशासन की ओर से 20 हजार रुपये की राशि अलग से दी जाएगी। यह घोषणा गांव के सरपंच सरपंच दिलराज व शेर सिंह ने डीसी की मौजूदगी में की। इससे पहले उपायुक्त रेनू फुलिया ने बेटी बचाओ अभियान के तहत गांव शामगढ़ व पधाना में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से करीब आसपास के गांव के लोगों को जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि कन्या भ्रूण की गर्भ में हत्या न कराएं। बहू को भी बेटी समझें और उन्हें पूरा मान-सम्मान दें, तभी समाज में बदलाव आएगा।
लड़कियां दुख बांटती हैं, लड़के जायदाद
डीसी ने लोगों को समझाया कि बेटी मां-बाप का दुख बंटाती हैं और लड़के जायदाद। इतना ही नहीं कुछ लड़के जायदाद हासिल करने के बाद भी मां-बाप को बुढ़ापे में सहारा देने की बजाए उन्हें प्रताड़ित करते हैं। इतनी बड़ी विडंबना के बाद भी लोग लड़कों की चाह में लड़कियों को मरवा रहे हैं। इस सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आप जिस लड़की की गर्भ में हत्या करा रहे हैं, हो सकता था कि वे बहुत बड़े ओहदे पर जाकर देश की सेवा करती। उन्होंने कहा कि आज जो लड़के कुंवारे रह रहे हैं, उनमें उनका क्या दोष है, दोष है तो समाज का। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा समाज में एक कलंक के समान है। उस दहेज देने का क्या फायदा, जो बेटी को न तो ससुराल में उसकी जान बचा सके और न ही उसे पूरा मान-सम्मान दिला सके। इसलिए दहेज जैसी बुराई को भी रोकें। इस मौके पर उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने और होने देने की शपथ भी दिलाई।
ये लोग रहे मौजूद
इस मौके पर सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया, उप सिविल सर्जन डा. राजेंद्र कुमार, डा. राकेश मित्तल, बीडीपीओ कुलजीत सिंह, रजनी पसरीचा, मधु आर्य, नरेश लाल, नरेशपाल आदि मौजूद रहे।