कैथल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के एक पत्र ने गांव डोहर के गुरदीप को परेशानी में डाल दिया है। दो साल पहले बारहवीं की परीक्षा पास कर चुके गुरदीप के पास बोर्ड की ओर से जारी पत्र पहुंचा है। इसमें उसे इस साल अक्तूबर माह में नकल करते हुए पकड़ा बताया गया है। जबकि उसने इस साल परीक्षा दी ही नहीं। डोहर निवासी गुरदीप सिंह के घर पर हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर पत्र मिलते ही परिवार के लोगों व गुरदीप के होश उड़ गए। जबकि गुरदीप सिंह ने वर्ष 2006 में दसवीं व वर्ष 2010 में बाहरवीं की परीक्षा पास कर ली है।
बोर्ड ने गुरदीप सिंह को 8 दिसंबर को हरियाणा शिक्षा बोर्ड के कार्यालय में बुलाया हुआ है। गुरदीप सिंह ने बताया कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने उसके घर का पता व उसके पिता का नाम डाल कर पत्र के माध्यम से सूचित किया है कि 15 अक्तूबर 2012 को आयोजित साइंस के पेपर में उसे नकल करते पकड़ा गया है। इसी बाबत बोर्ड ने उसे कार्यालय में नकल करने कारण के लिए पूछताछ के लिए 8 दिसंबर को बुलाया है। गुरदीप ने बताया कि उसने वर्ष 2006 में दसवीं की परीक्षा व वर्ष 2010 में बाहरवीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है। बोर्ड ने उसके घर पर पत्र जारी करके उसे परेशानी में डाल दिया है। बोर्ड के पत्र को लेकर वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्थित ओपन बोर्ड के अधिकारियों के पास अपनी परेशानी लेकर आया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड के अधिकारी सूबे सिंह मलिक ने बताया कि यह पत्र गलत है। जब विद्यार्थी ने दो साल पहले परीक्षा उत्तीर्ण ही कर ली है तो अब नकल का सवाल ही नहीं उठता। इस बारे में बोर्ड अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।