घरौंडा। विदेशों की तर्ज पर देश के किसानों को सब्जी की खेती में आत्मनिर्भर करने के लिए सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर के नाबार्ड व हरको बैंक के अधिकारियों ने केंद्र के उन्नत तकनीक को बारीकी से समझा व किसानाें को अधिक से अधिक लोन सुविधा देने पर विचार-विमर्श किया गया। इंडो-इस्राइल केंद्र पर आयोजित कार्यशाला में बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक अर्जुन सैनी ने अधिकारियों को केंद्र की सभी तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया और किसानों अधिक लोन देने के लिए प्रेरित किया। इससे पूर्व नाबार्ड व हरको बैक के अधिकारियों ने सब्जी केंद्र का भ्रमण किया और यहां पैदा की जा रही सब्जियों के बारे में जानकारी अर्जित की।
बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक अर्जुन सैनी ने कार्यशाला में बैंक अधिकारियों का संबोधित करते हुए कहा कि विदेशों में किसान 200 से 300 मिलियन टन तक सब्जियों की पैदावार कर रहे हैं।, जबकि हमारे देश में किसान मात्र 10 से 20 मिलियन टन पैदावार करते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत देश में भी विदेशाें की तर्ज पर पैदावार करने के लिए पोली हाउस लगाने बहुत जरूरी है। ताकि देश में भी कि सान अच्छी पैदावार करके आमदनी का जरिया बना सकें। उन्होंने बैंक अधिकारियों को आग्रह किया कि पोली हाउस लगाने के लिए किसानों को लोन की सुविधा मुहैया कराना बेहद जरूरी है, इसलिए किसानों को पोली हाउस लगाने के लिए अधिक से अधिक लोन दें। सब्जी उत्कृष्टता केंद्र के अतिरिक्त अधिकारी डा. कृष्ण कुमार ने अधिकारियों को सब्जी केंद्र की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र में चार प्रकार की तकनीक अपनाई जा रही है। इसमें हाईटेक ग्रीन हाउस, एनवीपीएच, डब्ल्युआईटी और नेट हाउस की तकनीक शामिल है। इसमें किसानों को 65 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को 4000 प्रति हेक्टेयर वर्ग मीटर तक 65 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।