करनाल। दयाल सिंह कालोनी की गंगा देवी की पेंशन में समाज कल्याण विभाग मंगलवार को करीब 12 दिन बाद नींद से जागा और अधिकारी गंगा देवी के बयान दर्ज करने उनके घर पहुंचे। जांच के दौरान अधिकारी ने बताया कि उस दिन गंगा देवी पेंशन लेने नहीं गई थी, ऐसी रिपोर्ट कमेटी के अधिकारियों ने उन्हें दी है, जबकि गंगादेवी ने अपने बयान में बताया कि 6 सितंबर को जब वह पेंशन लेने के लिए विवेकानंद विद्यालय में गई तो पूर्व पार्षद कनक रानी और पेंशन वितरक रघुबीर सिंह ने गंगादेवी के स्थान पर किसी अन्य का अंगूठा लगा लिया और उसे पेंशन ले लेने के बाद चले जाने को कहा। गंगा देवी ने कहा कि पूर्व पार्षद और पेंशन वितरण करने वाले अधिकारी ने उसका सादे कागज पर भी अंगूठा लगवा लिया और चले जाने को कहा। जब गंगा देवी के परिजनों ने कनक रानी से पेंशन देने के संर्दभ में बात की, तो उन्होंने कहा कि हम लोग गंगा देवी की पेंशन दे चुके हैं। इसका अंगूठा भी हमारे पास लगा हुआ है।
गंगा देवी गई थी पेंशन लेने
जब शिकायत समाज कल्याण अधिकारी के पास पहुंची, तो जांच में बताया कि गंगा देवी उस दिन पेंशन लेने गई ही नहीं, लेकिन अमर उजाला ने जब 6 सिंतबर को पेंशन लेने वाले अन्य लोगों से से बात की तो उनमें आदर्श नगर के रहने वाले ऊद्योदास मुटरेजा और शांति देवी ने बताया कि पेंशन के दौरान गंगा देवी पेंशन लेने के लिए विवेकानंद स्कूल में खड़ी थी। दयाल सिंह कालोनी की 102 नंबर मकान में रहने वाली संत बिहारी ने बताया कि जब उसने पेंशन ली, उस समय गंगादेवी अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रही थी। हाउसिंग बोर्ड निवासी प्रकाश कौर ने बताया कि जब उसने पेंशन ली गंगा देवी को पेंशन के लिए रोका हुआ था। अवतार कालोनी की शकुंतला रानी ने बताया कि जब वह पेंशन लेकर जाने लगी उस समय उसकी गंगा देवी से राम-राम भी हुई थी।
रिपोर्ट पर जांच शुरू की
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को जांच सौंपी गई थी। इसमें पेंशन वितरण अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गंगा देवी उस दिन पेंशन लेने नहीं पहुंची, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच करने के लिए गंगा देवी के बयान लिए जाएंगे। इसके बाद पूर्व पार्षद और पेंशन वितरण अधिकारी के बयान भी लिए जाएंगे। यदि कही भी चूक हुई है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बलजीत सिंह
समाज कल्याण अधिकारी