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सीएम कैंप आफिस का घेराव करने पड़े अटे कंप्यूटर आपरेटरों पर लाठी चार्ज, पानी की बौछारें छौड़ी और दौड़ा दौड़ा कर पीटा

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सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करने पर अड़े कंप्यूटर ऑपरेटर्स पर लाठीचार्ज, एक किमी तक दौड़ा-दौड़ा कर पीटा
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्थायी नौकरी की मांग पर रविवार को सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करने पर अड़े प्रदेश में सरकारी विभागों में अनुबंध आधार पर लगे कंप्यूटर ऑपरेटर्स को ठंड में पानी की बौछारों और लाठियों का सामना करना पड़ा। बैरिकेट्स तोड़ने पर पुलिस कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी, लेकिन तब भी कंप्यूटर ऑपरेटर पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटरों को करीब एक किलोमीटर तक दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। घटना में तीन पुलिसकर्मियों को चोट लगने की बात भी सामने आई हैं। जबकि 10 -15 युवक और युवती भी घायल होने के समाचार हैं। उधर, देर शाम थाना सिविल लाइन पुलिस ने रास्ता रोकने, पुलिस पर पथराव करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत नौ लोगों को नामजद करते हुए 400 के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं देर शाम पुलिस ने नौ कंप्यूटर ऑपरेर्ट्स को गिरफ्तार भी कर लिया।
इससे पहले कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के बैनर के तले प्रदेशभर के बोर्डों, निगमों, डीआईटीएस और राजस्व विभागों में अनुबंध आधार पर लगे करीब 500 कंप्यूटर ऑपरेटर सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क में एकत्रित हुए और मांगों पर विमर्श किया। राज्य प्रधान हवा सिंह तंवर और जितेंद्र कादियान की अगुवाई में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर सीएम कैंप ऑफिस के पास दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे पहुंचे। कैंप ऑफिस से पहले ही पुलिस ने बैरिकेट्स लगातार संघ सदस्यों को रोक लिया। इस दौरान सभी सदस्य इस बात पर अड़े रहे कि वे सीएम कैंप आफिस में जाएंगे और ज्ञापन देकर वापस आ जाएंगे।
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इस पर पुलिस और प्रशासन की तरफ से बताया गया कि कैंप ऑफिस में कोई नहीं है। करीब एक घंटे की जोर आजमाइश के बाद भी कंप्यूटर ऑपरेटर कैंप आफिस में जाने की जिद पर अड़े रहे। नारेबाजी करते हुए अचानक पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स तोड़कर कैंप ऑफिस की तरफ कूच करने लगे। शाम साढ़े चार बजे पुलिस ने आनन-फानन में वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ दी। ठंड होने के कारण इससे काफी संख्या में युवक और युवती इधर-उधर हो गए। बावजूद इसके कई आपरेटर वहीं पर अड़े रहे। आरोप है कि इस दौरान कुछ युवकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। लाठीचार्ज शुरू होते ही कंप्टूयर ऑपरेटर दौड़ते नजर आए, लेकिन डंडों से लैस पुलिस कर्मचारियों ने युवकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का करीब एक किलोमीटर तक लघु सचिवालय तक पीछा किया। इसके बाद ही रास्ता खाली हो सका। पूरे प्रकरण में पुलिस का दावा है कि पथराव के कारण उनके तीन जवान चोटिल हुए हैं, जबकि संघ के सदस्यों का दावा है कि पुलिस कर्मचारियों द्वारा लाठीचार्ज में 15 से ज्यादा सदस्यों को चोटें आई हैं।


कंप्यूटर आपरेटर्स द्वारा पुलिस पर पथराव किया गया, इससे तीन जवान चोटिल हुए हैं। नौ लोगों को नामजद करते हुए 400 लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने, पथराव करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया है, देर रात तक उनकी गिरफ्तारी डाल दी जाएगी। -मोहन लाल, सिविल लाइन, थाना प्रभारी
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लाठीचार्ज निंदनीय : सकसं
वहीं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर सिंह फोगाट और महासचिव सुभाष लांबा ने कंप्यूटर ऑपरेटर पर लाठीचार्ज की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष को दबाने की कोशिश है। कर्मचारी अपना हक लेना जानते हैं, किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने ऐलान किया की लाठीचार्ज का मामला 30 जनवरी को होने वाले जेल भरो आंदोलन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
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