बीरेंद्र सिंह के समर्थक रामकिशन बने मार्केट कमेटी के चेयरमैन, भाजपा नेताओं का उड़ा चैन
-फूटा भाजपा नेताओं का दर्द, कांग्रेसी बताकर सोशल मीडिया पर भाजपा नेता जता रहे विरोध
-मंडल से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों का आरोप, कभी बैठकों में नहीं आए, पूर्व जिलाध्यक्ष बोले, रामकिशन सक्रिय सदस्य
सोमदत्त शर्मा
करनाल। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए गए मार्केट कमेटी के चेयरमैनों की लिस्ट ने करनाल भाजपा कार्यकर्ता व नेताओं की नींद और चेन छीन लिया है। दरअसल करनाल सीएम सिटी की मार्केट कमेटी के लिए चौधरी बीरेंद्र सिंह के खास समर्थक रामकिशन चौधरी को चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति से भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं में खलबली का माहौल है। हालांकि, वे खुलकर इसका विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर जरूर अपने आला नेताओं पर तंज कस रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता चौधरी को कांग्रेसी बता रहे हैं, वहीं जिन लोगों ने पार्टी के लिए काम किया है, उनको कुर्सी नहीं मिलने पर वे नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। फिलहाल पिछले दो दिन से चेयरमैन नियुक्ति को लेकर करनाल की राजनीति में गरमाई हुई है।
गौरतलब है कि रामकिशन चौधरी शुरू से ही चौधरी बीरेंद्र सिंह के खास समर्थक रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बीरेंद्र सिंह के भाजपा में आने के बाद भी वे भाजपा में कभी सक्रिय नहीं दिखे और न ही भाजपा के सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए। अब अचानक दो दिन पहले प्रदेश सरकार द्वारा मार्केट कमेटी के चेयरमैन नियुक्त किए गए। इनमें रामकिशन चौधरी को करनाल मार्केट कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, साथ ही ईशवर प्रेम गुप्ता को वाइस चेयरमैन बनाया है। नियुक्ति के बाद से ही भाजपा नेताओं ने इस पर रोष जताना शुरू किया। सोशल मीडिया पर भाजपा के कार्यकर्ता और नेता तंज कसने से नहीं चूक रहे और इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का तर्क है, रामकिशन चौधरी शुरू से कांग्रेस में रहे हैं, और अब उन्हें चेयरमैनी थमा दी गई, जबकि भाजपा के ऐसे कई नेता हैं जो आज तक एडजेस्ट नहीं हो पाए हैं। भाजपा के सूत्र बतात े हैं कि चेयरमैनी के लिए भाजपा के नेता अमरजीत संधू का नाम लगभग तय था, लेकिन ऐन मौके पर उनके स्थान पर चौधरी का नियुक्त कर दिया गया। इसको लेकर पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। संगठन के इस फैसले पर भाजपा के कई मंडल व जिलास्तर तक के पदाधिकारियों ने कड़ी टिप्पणी की हैं। उधर, पार्टी के नेता इस स्थिति को कंट्रोल करने में जुट गए हैं।
सक्रिय सदस्य हैं रामकिशन, बैठकों में नहीं आना अलग विषय : सुखिजा (फोटो-27)
इस बारे में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व केडीबी के महासचिव अशोक सुखिजा का कहना है जब चौधरी बीरेंद्र सिंह भाजपा में आए थे, तभी रामकिशन चौधरी ने भाजपा ज्वाइन की थी। बकायदा प्राथमिक सदस्यता की रसीद भी कटी हुई हैं। इतना ही नहीं वे पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं। हालांकि, जब अमर उजाला ने सुखिजा से पूछा कि क्या रामकिशन चौधरी भाजपा की बैठकों में ही नहीं आते तो सक्रिय सदस्य कैसे हैं? इस पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहले वे बैठकों में आते थे, अब क्यों नहीं आते तो रामकिशन चौधरी ही बताएंगे। वैसे बैठकों में नहीं आना अलग विषय है।
कोई विरोध नहीं, सोशल मीडिया पर लोग कभी कुछ तो कभी कुछ लिखते हैं : जगमोहन (फोटो-26)
इस बारे में भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद का कहना है कि रामकिशन चौधरी भाजपा में हैं और उनकी नियुक्ति पर पार्टी में किसी भी प्रकार का विरोध नहीं है। भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर विरोध जताने के सवाल पर आनंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग कभी कुछ तो कभी कुछ लिखते हैं। यह संगठन का फैसला है और सभी के सिर माथे है। पार्टी में इसका कोई विरोध नहीं है। रामकिशन चौधरी के भाजपा की बैठकों में नहीं आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल से पहले के बारे में वे कुछ नहीं बता सकते।
मैं भाजपाई, मेरे पास रसीद भी है : रामकिशन चौधरी (फोटो-25)
उधर, इस बारे में रामकिशन चौधरी का कहना है कि उन्होंने चौधरी बीरेंद्र सिंह के साथ भाजपा ज्वाइन की थी और वे भाजपाई हैं। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनके बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहता। भाजपा की प्राथमिक सदस्य की बकायदा उनके पास रसीद है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनके बारे में वे कुछ नहीं कहना चाहते। उनका प्रयास रहेगा कि मंडी में बेहतर कार्य हो और किसानों को कोई परेशानी न हो। बता दें कि रामकिशन चौधरी के बेटे रजनीश चौधरी करनाल अनाज मंडी के प्रधान हैं।