सेक्टर-9 निवासी अजीत प्रसाद से साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 8 लाख 88 हजार 410 रुपये ठग लिए। आरोपी ऑनलाइन एकाउंट में बार-बार बढ़ी हुई राशि दिखाकर पेंशनर से लगातार 12 दिनों तक रुपये लेते रहे। अजीत सेवानिवृत्त हैं और पेंशन मिलती है। उन्होंने भरोसा कर अपनी पूरी जमापूंजी गंवा दी।
जब रुपये निकलवाने की बात आई तो कस्टमर केयर से बात करने को बोला गया। शिकायतकर्ता ने कस्टमर केयर को फोन किया तो 18 प्रतिशत कमीशन 5.04 लाख रुपये जमा करवाने के बाद राशि निकासी की बात कही गई। इसके बाद उन्हें पता लगा कि उनके साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
अजीत प्रसाद ने बताया कि वह पेंशनर हैं। उनके पास एक नवंबर, 2025 को एक व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से एक ट्रेडिंग फाइनेंस कंपनी के कर्मी विक्रम नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ। आरोपी ने उन्हें अमेरिका की एक कंपनी वेनगार्ड में निवेश की सलाह दी। उन्होंने विश्वास करके 3 नवंबर को 10 हजार रुपये ट्रायल के तौर पर यूपीआई के माध्यम से लगा दिए। इसमें उन्हें 2395 रुपये के लाभ के साथ 12395 रुपये दिखाए गए। इसके बाद उन्हें 26 हजार रुपये की ट्रेड की सलाह दी गई। उन्होंने यूपीआई के माध्यम से राशि लगा दी और लाभ सहित सारी राशि उनके खाते में जुड़ी दिखाई गई। इससे उनका विश्वास बढ़ गया।
छह नवंबर को अन्य नंबर से कॉल करके उन्हें ट्रेड के बारे में पूछा गया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। 14 नवंबर को उनके ट्रेड के बाद उनके खाते में 33 लाख 76 हजार 893 रुपये दिखाए गए। इसमें 28 लाख दो हजार 251 रुपये ट्रेड की राशि और पांच लाख 74 हजार 642 रुपये कमीशन शामिल था।
ठगों की बातों में फंसकर उन्होंने कंपनी की कमीशन की राशि गुजरात के एक खाते में चेक के माध्यम से जमा करवा दी। जब उन्होंने 28,02,251 रुपये राशि निकालने के बारे में आरोपी विक्रम को बोला तो उन्होंने कस्टमर केयर के माध्यम से रिक्वेस्ट डलवाने के लिए बोला। जब मजबूरन उन्होंने कस्टमर केयर से रिक्वेस्ट डलवाई तो कंपनी ने 18 प्रतिशत की दर से 5 लाख 4 हजार 408 रुपये अग्रिम टैक्स जमा करवाने के बाद शिकायतकर्ता को 28.8 लाख रुपये मिलने की बात कही।
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फार्म भरवाकर पांच ट्रेड लगाने की शर्त रखी
10 नवंबर को आरोपी विक्रम ने शिकायतकर्ता के पास ट्रेड कोटा भेजा था। उन्होंने सबसे कम राशि 68 हजार रुपये के ट्रेड का चुनाव किया। ये रुपये यूपीआई के माध्यम से जमा करवा दिए। ट्रेड से पहले ही उनसे एक फार्म भरवाया गया, जिसमें शर्त थी कि उन्हें कम से कम पांच ट्रेड लेनी जरूरी हैं। हर ट्रेड के बाद शिकायतकर्ता कंपनी को 30 प्रतिशत कमीशन का एडवांस भुगतान करेगा। अगर नहीं किया तो सारी रकम खत्म हो जाएगी। इसके बाद 10 नवंबर को अगले पांच दिनों तक आरोपियों ने शिकायतकर्ता से हर ट्रेड के बाद अपना कमीशन एडवांस में लिया। 10 नवंबर को 9,987 रुपये, 11 नवंबर को 23,667 रुपये, 12 नवंबर को 57,191 रुपये, 13 नवंबर को एक लाख रुपये, 14 नवंबर को चेक के माध्यम से 5,74,642 रुपये लिए गए।
किसी भी ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में ना फंसें। साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते हैं। ऐसा होने पर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाएं। ताकि ठगी के पैसे को फ्रीज किया जा सके। इसके बाद साइबर थाना पुलिस को शिकायत दें। पुलिस ने ठगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। -संजय कुमार, थाना प्रभारी, साइबर थाना, करनाल