पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, रोहतक की टीम ने मंगलवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज और निर्माणाधीन बिल्डिंग का निरीक्षण किया। चार सदस्यीय टीम ने तीन घंटे तक कॉलेज का कोना-कोना जांचा। इससे स्टाफ में अफरातफरी मची रही। कॉलेज प्रबंधन के दावों की पोल उस समय खुली जब कागजों में बेड 83 मिले और कमरों में मात्र 54 बेड ही मिले। इस पर टीम ने कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप और उपनिदेशक डॉ. पीयूष शर्मा को जमकर लताड़ लगाई। जांच टीम ने कॉलेज प्रबंधन के अधिकारियों के आगे हाथ जोड़े और कहा कि कृपया इतना झूठ मत बोलें। निरीक्षण के दौरान आईसीयू का मोनीटर भी बंद मिला। बाद में टीम ने गोपनीय रिपोर्ट बनाई और टीम रोहतक के लिए रवाना हो गई। जांच टीम ने अपनी पूरी कार्रवाई की बाकायदा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई।
बता दें कि कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज वर्ष 2017 में शुरू होना है। इसके लिए पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विवि से संबद्घता होगी। इसके लिए विवि ने चार सदस्यीय टीम को कॉलेज के निरीक्षण के लिए भेजा था कि क्या कालेज कक्षाओं के लिए तैयार है। टीम में विवि के प्रो. डा. नित्यानंद, डा. ज्योति कौशल व दो अन्य डाक्टर शामिल रहे। सुबह साढ़े नौ बजे टीम कॉलेज पहुंची और आधा घंटा तक कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक की। इससे पहले टीम ने आते ही हाजिरी रजिस्टर चेक किया। वीडियोग्राफी के साथ टीम ने सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक निरीक्षण में रही और एक-एक बेड से लेकर सभी सामान की गिनती करते रहे।
निरीक्षण टीम के आगे-आगे जाकर स्टाफ तैयारियाें में लगे रहे। फिर भी खामियों को छुपा नहीं पाए। अस्पताल के हर तल पर कागजी प्रक्रिया में भारी खामियां मिली। सुबह दस बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक प्रत्येक वार्ड में जाकर वहां की रिपोर्ट बनाकर ले गए। टीम ने मेडिकल कॉलेज के नए भवन का भी निरीक्षण किया। टीम ने नए ओपीडी भवन, ट्रामा सेंटर समेत कक्षाओं और ओटी का निरीक्षण किया।
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डॉक्टर चले टीम के साथ, मरीज भटके
जांच टीम ने तीन घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टाफ टीम के साथ-साथ चला और मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। अस्पताल में मंगलवार सुबह इलाज न मिलने पर काफी मरीज लौट गए। अस्पताल के बेडों पर साफ सुथरी चादरें नजर आई। सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहे और पूरा स्टाफ ड्रेस कोड में मिले। टीम से हर कोई परेशानी में नजर आया। इस दौरान करीब दो घंटे तक मरीज इधर उधर भटकते रहे।
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बेडों की संख्या मिली कम
टीम ने पूरे अस्पताल के बेडों की गिनती की। स्टाफ ने कागजी प्रक्रिया में 83 बेड दिखाए, जबकि टीम को 53 बेड मिले। ऐसे में अधिकारियों ने वीआईपी वार्ड के बेड भी जरनल वार्ड में गिनवाने लगे तो टीम का नेतृत्व कर रहे डा. नित्यानंद ने हाथ जोड़कर झूठ न बोलने की अपील की गई। चौथी मंजिल के बेड खाली मिले, जबकि दूसरी व तीसरी मंजिल के बेडों पर दो-दो मरीज भर्ती मिले।
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मीडिया से बनाई दूरी
निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर जैसे ही टीम ने डायरेक्टर को लताड़ा तो अचानक मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने भी मीडिया से दूरी बना ली और कहा कि यह रुटीन चेकिंग है। इस बारे में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कशयप का कहना है कि कॉलेज की संबद्घता को लेकर यह चेकिंग थी। इससे ज्यादा वे कुछ नहीं बता सकते।